1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. ट्रंप के हड़काने के बाद ‘अपने दोस्त’ पाकिस्तान के बचाव में आगे आया चीन

ट्रंप के हड़काने के बाद ‘अपने दोस्त’ पाकिस्तान के बचाव में आगे आया चीन

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 22, 2017 06:44 pm IST,  Updated : Aug 22, 2017 06:44 pm IST

आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी की पृष्ठभूमि में अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान के बचाव में आते हुए चीन ने कहा कि...

Donald Trump and  Xi Jinping | AP Photo- India TV Hindi
Donald Trump and Xi Jinping | AP Photo

बीजिंग: आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी की पृष्ठभूमि में अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान के बचाव में आते हुए चीन ने कहा कि इस्लामाबाद आतंकवाद से मुकाबले में अग्रणी है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने पाकिस्तान पर ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘अमेरिका की तरफ से संबंधित नीतिगत फैसला संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा, स्थिरता बढ़ाने में सहायक होगा।’ बीजिंग के सदाबहार दोस्त का पूरी तरह बचाव करते हुए हुआ ने कहा, ‘पाकिस्तान पर अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर, मुझे कहना चाहिए कि पाकिस्तान आतंकवाद से मुकाबले में अग्रिम पंक्ति में है, आतंकवाद से लड़ाई में उसने कुर्बानी दी है, शांति और स्थिरता बहाल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’

ट्रंप ने अपने संबोधन में आतंकी गुटों को समर्थन के लिए पाकिस्तान की आलोचना की थी और इस्लामाबाद को ऐसा जारी रहने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। आतंकी गुटों को पाकिस्तान के समर्थन की ट्रंप की तीखी आलोचना पर हुआ ने कहा, ‘मैं सोचती हूं कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद से मुकाबले में पाकिस्तान की कोशिशों को मानना चाहिए। हमें यह देखकर खुशी होगी कि अमेरिका और पाकिस्तान आपसी रिश्ते के आधार पर आतंकवाद रोधी प्रयासों में सहयोग करे और वैश्विक शांति एवं स्थिरता के लिए योगदान दें।’ भारत के साथ संबंध प्रगाढ़ करने के ट्रंप के संकेत पर हुआ ने कहा कि जहां तक दूसरे देशों को नुकसान नहीं हो और क्षेत्रीय विकास के लिए अनुकूल हो, दोनों देशों के बीच सामान्य और दोस्ताना संबंधों की प्रगति को देखकर चीन खुश है।

हुआ ने कहा, ‘इसलिए अमेरिका और भारत के बीच सामान्य संबंधों को देखकर खुश है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने में और सकारात्मक भूमिका निभाएंगे। क्या परमाणु आपूर्तकिर्ता समूह में भारत की सदस्यता और जैश-ए-मोहम्मद नेता मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र का प्रतिबंध लगवाने में अड़चन डालने की वजह से अमेरिका का भारत के साथ करीबी संबंध बना है, इस पर हुआ ने कहा कि भारत या अमेरिका के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों को तीसरे पक्ष द्वारा निशाना नहीं बनाया जाएगा। हुआ ने डोकलाम क्षेत्र में चीन के सड़क निर्माण को रोकने के भारत के कदम की भी आलोचना की। उन्होंने कहा डोकलाम में भारत के कदम का चीनी लोगों की नजर में नकारात्मक असर हुआ है। भारतीय सैनिकों और उपकरणों की बिना शर्त वापसी के लिए कहते हुए हुआ ने कहा कि भारत को अपनी बात से पीछे नहीं हटना चाहिए।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश