बीजिंग: हिमालयी क्षेत्र के बारे में एक किताब लिखने पर जेल में दस साल तक बंद रखने के बाद चीन ने एक तिब्बती लेखक को रिहा कर दिया है। अमेरिका स्थित एक अधिकार समूह ने यह जानकारी दी है। कल देर रात इंटरनेशनल कैम्पेन फॉर तिब्बत ने बताया, राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालने पर एक दशक पहले दोषी पाये गये डोलमा कयाब (39) को पिछले सप्ताह रिहा कर दिया गया। तिब्बत पर चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण है जो अपनी नीतियों के खिलाफ जनता के विरोध को बर्दाश्त नहीं करती और अक्सर लोगों को जेल में डाल देती है।
कयाब की सुनवाई तिब्बत की राजधानी ल्हासा में गोपनीय तरीके से हुई थी और 2005 में अपनी सजा के महीनों बाद जेल से लिखी उनकी एक चिट्ठी बाहर आने पर उनकी गिरफ्तारी का मामला प्रकाश में आया था। उनकी चिट्ठी की एक प्रति के आधार पर उस समय अधिकार समूह ने बताया था कि कयाब ने कहा है कि उसे इसलिए जेल में डाल दिया गया है क्योंकि उसने अपनी अप्रकाशित किताब द रेस्टलेस हिमालया में अपने विचारों को व्यक्त किया है। उन्होंने बताया था कि अधिकारियों का मानना है कि उनका लेखन तिब्बत की स्वतंत्रता से जुड़ा हुआ है।