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NSG पर भारत से बातचीत करने को तैयार चीन

 Written By: India TV News Desk
 Published : Oct 10, 2016 12:02 pm IST,  Updated : Oct 10, 2016 12:06 pm IST

बीजिंग: राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले चीन ने कहा है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत के शामिल होने के मुद्दे पर वह भारत से बातचीत करने को तैयार है। लेकिन

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बीजिंग: राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले चीन ने कहा है कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत के शामिल होने के मुद्दे पर वह भारत से बातचीत करने को तैयार है। लेकिन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने की भारत की कोशिश को समर्थन देने से साफ इनकार करते हुए चीन ने कहा है कि बीजिंग किसी के भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर राजनीतिक फायदा उठाने देने के विरोध में है।

चीन के उप विदेश मंत्री ली बाओदोंग ने शी के इस हफ्ते होने वाले भारत दौरे के बारे में मीडिया को जानकारी देने के दौरान यह बात कही। उन्होंने 48 सदस्यीय NSG में नए सदस्यों को शामिल करने पर सर्वसम्मति बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया। यह पूछे जाने पर कि ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी की मुलाकात के दौरान NSG में भारत को शामिल करने के मुद्दे पर क्या कोई प्रगति हो सकती है, इस पर ली ने कहा कि नियमानुसार NSG में नए सदस्यों को शामिल करने के लिए सर्वसम्मति बनाए जाने की जरूरत होती है।

जब ली से परमाणु व्यापारिक क्लब में भारत के शामिल होने के मसले पर चीन के नकारात्मक रूख के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, इन नियमों पर फैसला अकेले चीन नहीं करता है। इस मुद्दे पर चीन और भारत के बीच अच्छा संवाद बना हुआ है और सर्वसम्मति बनाने के लिए हम भारत के साथ बातचीत करने को तैयार है। हमें उम्मीद है कि इस बारे में भारत NSG के अन्य सदस्यों से भी बात करेगा।

ली ने कहा, इस मसले पर संभावनाओं को तलाशने के लिए हम भारत के साथ बातचीत करने को तैयार हैं। लेकिन बाकी सब एनएसजी की प्रक्रियाओं, नियमों और व्यवस्थाओं के मुताबिक ही होगा। इस मसले पर चीन का रूख जस का तस है। इसलिए चीन ने आमतौर पर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की जरूरत है। शी 15-16 अक्तूबर को गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने पहुंचेंगे। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल है।

भारत ने चीन का नाम लिए बगैर आरोप लगाया है कि एक देश एनएसजी में उसकी सदस्यता में अवरोध उत्पन्न कर रहा है। अपने बीच के मतभेद दूर करने के लिए दोनों देशों ने हाल ही में बातचीत की थी। भारत से बातचीत के बाद चीन ने पाकिस्तान से भी बातचीत की थी। पाकिस्तान भी इस प्रभावशाली समूह का हिस्सा बनना चाहता है। भारत की पाकिस्तान के आतंकी समूह जैश ए मोहम्मद के प्रमुख अजहर पर संरा का प्रतिबंध लगवाने की कोशिश में चीन द्वारा बाधा उत्पन्न के आरोपों के बारे में ली ने बीजिंग के तकनीकी अवरोध को सही ठहराते हुए कहा कि चीन सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ है।

पठानकोट आतंकी हमले के जिम्मेदार अजहर पर भारत संरा द्वारा पाबंदी लगवाना चाहता है। इस पर ली ने भारत का परोक्ष संदर्भ लेते हुए कहा, आतंक के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। आतंक के खिलाफ लड़ाई के नाम पर किसी को अपने राजनीतिक हित भी नहीं साधने चाहिए। चीन ने संयुक्त राष्ट्र में अजहर को आतंकी घोषित करवाने की भारत की कोशिशों को झटका देते हुए अपने तकनीकी अवरोध की अवधि के खत्म होने के कई दिन पहले ही, एक अक्तूबर को इसे विस्तार देने की घोषणा की थी। अब यह अवरोध और तीन महीनों तक जारी रह सकता है।

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