बीजिंग: चीन ने धर्मशाला स्थित तिब्बती निर्वासित सरकार को आज अलोकप्रिय बताया और कहा कि प्रधानमंत्री का पद एक राजनीतिक तमाशा है, क्योंकि दुनिया में किसी भी देश ने इसे मान्यता नहीं दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने तिब्बत में लोगों को प्रताडि़त किए जाने के आरोपों पर एक सवाल के जवाब में कहा, तथाकथित निर्वासित सरकार तिब्बत में लोगों के बीच लोकप्रिय नहीं है।
तिब्बती निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री पद पर लोबसांग सांगे को फिर से चुने जाने पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर होंग ने कहा, तथाकथित निर्वासित सरकार अवैध है। उन्होंने कहा कि कोई देश और सरकार ऐसे संगठन को स्वीकार नहीं करते। तथाकथित चुनाव एक राजनीतिक मजाक है। गौरतलब है कि 47 वर्षीय सांगे निर्वासित तिब्बती सरकार के सिकयोंग (प्रधानमंत्री) हाल में पुननिर्वाचित हुए हैं। उन्होंने अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी पेनपा शेरिंग को 9012 वोटों से हराया, जो तिब्बती संसद के स्पीकर हैं।
होंग ने कहा कि निर्वासित सरकार के खुद के दावे के मुताबिक, चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग द्वारा लगाई अड़चनों से परेशान होकर कुछ ही निर्वासित तिब्बती भारत जा सके। उन्होंने कहा कि यह कम संख्या बताती है कि विदेशी तिब्बती अलगाववादी समूह कितना अलोकप्रिय है। तिब्बती चुनाव अधिकारियों ने 27 अप्रैल को निर्वासित सरकार के मुख्यालय धर्मशाला में चुनाव नतीजे की घोषणा की थी।