इस्लामाबाद: पूरी दुनिया में खबर आई कि आतंकवादी हाफिज सईद को पाकिस्तान में नजरबंद कर दिया गया है। हाफिज सईद को इसके पहले मुंबई अटैक के बाद दिसंबर 2008 में भी नजरबंद किया गया था, इसके बाद उसे फिर सितंबर 2009 में पकड़ा गया था लेकिन दोनों ही मामले में उसे बरी कर दिया गया। हाल के सालों में वह लाहौर में खुलेआम घूमता था और रैलियां करता था। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान सरकार ने उसे नजरबंद कर दिया?
ज्यादातर लोगों का यही मानना है कि उसके नजरबंद किये जाने के पीछे अमेरिका का दबाव है। पर असलियत कुछ और ही है। पाकिस्तान सरकार ने हाफिज को नजरबंद कर उस पर शिकंजा नहीं कसा है बल्कि ऐसा कर उसकी जान बचाई है। नवाज सरकार की पोल खोलने वाला ये दावा पूर्व प्रधानमंत्री के एक सलाहकार ने किया है।
पाकिस्तान के जाने-माने राजनीतिक विश्लेषक और पूर्व प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉक्टर शाहिद मसूद ने टीवी चैनल पर दावा किया कि हाफिज सईद तहरीक-ए-तालिबान के टारगेट पर है। हाफिज के खात्मे के लिए तालिबान ने फुलप्रूफ प्लान भी बनाया है जिसे अंजाम देने के लिए आतंकी निकल चुके हैं लेकिन जैसे ही इसकी भनक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को लगी, वो हाफिज को बचाने के लिए नज़रबंदी का ड्रामा शुरु कर दिया।
घर में आराम फरमा रहा आतंकी
दरअसल हाफिज सईद को चौबुर्जी की मस्जिद ए कद्सिया से गिरफ्तार करने के बाद लाहौर पुलिस उसे उसके घर 116 E, जौहर टाऊन लाहौर लाई और उसे यहीं नजरबंद कर दिया गया। जाहिर है कि ये कार्रवाई महज दिखावे के लिए की गई है। हाफिज सईद को उसके घर के अंदर तमाम सुविधाएं मुहैया हैं। वो घर के अंदर से ही अपने लोगों के साथ संपर्क साधकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। ऐसे में भारत चाहता है कि पाकिस्तान सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि असल में हाफिज सईद पर कार्रवाई करे।
डॉक्टर शाहिद मसूद आखिर हैं कौन?
डॉक्टर शाहिद मसूद पाकिस्तान के बड़े न्यूज नेटवर्क GEO NEWS ग्रुप के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं। 2008 में ARY डिजिटल नेटवर्क के प्रेसीडेंट रहे थे। पाकिस्तान टेलिविज़न कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन भी रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रज़ा गिलानी के खास सलाहकार के साथ ही गिलानी की सरकार में मिनिस्टर ऑफ स्टेट रह चुके हैं।