लांझू: चीन के बेल्ट एवं रोड कार्यक्रम के कारण एक पश्चिमी प्रांत में पर्यटन उद्योग का तेजी से विकास हुआ है।
मोगाओ बुद्ध गुफाओं और रेशम मार्ग के अवशेषों के लिए प्रख्यात पश्चिमोत्तर गांशू प्रांत में पारंपरिक भारी उद्योग की अपेक्षा पर्यटन में अधिक तेज विकास दर्ज किया जा रहा है।
अब तक इस प्रांत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ विनिर्माण उद्योग था, लेकिन गत वर्ष स्थानीय पर्यटन उद्योग इससे आगे निकल गया है और इसकी विकास दर 7.4 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है।
प्रांत के पर्यटन ब्यूरो के उप निदेशक वांग फ्यूमिन ने कहा, "पर्यटन अर्थव्यवस्था का नया इंजन बन गया है। इससे खपत बढ़ी है, निवेश बढ़ा है और इसे सेवा निर्यात भी माना जा सकता है।"
प्रांत में गत चार वर्षो में पर्यटक संख्या और पर्यटन से होने वाली आय सालाना औसतन 30 फीसदी की दर से बढ़ी है। इस साल और अधिक पर्यटक के पहुंचने का अनुमान है। प्रथम छमाही में विकास दर 25 फीसदी दर्ज की जा चुकी है।
पर्यटन उद्योग के विकास के दो कारण हैं। पहला है राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा प्रस्तावित बेल्ट एवं रोड कार्यक्रम। इसके जरिए प्राचीन रेशम मार्ग के आसपास के देशों से आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध बढ़ाना।
मोबाइल इंटरनेट से भी चीन का पर्यटन उद्योग बढ़ा है। परिवहन, टिकटिंग और होटल बुकिंग क्षेत्र में आधुनिक और सुविधाजनक ऑनलाइन सेवाओं के कारण सुस्त पड़ी पारंपरिक सेवाओं में तेजी आ गई है। प्रांत के अधिकतर ऐतिहासिक केंद्र ऑनलाइन टिकट बुकिंग स्वीकार कर रहे हैं।
प्रांत के एक ऐतिहासिक झांगी शहर में गत चार साल में पर्यटक संख्या 11 गुना बढ़ी है। इसके कारण होटल निर्माण में क्रांति आ गई है।
प्रांत की पर्यटन सेवाओं में हालांकि कुछ सुधार की भी जरूरत है। पूर्वी चीन के हांगझू प्रांत की एक महिला ने इस प्रांत की 10 दिवसीय यात्रा में झेली गई कुछ समस्या की ओर इशारा किया।
महिला ने कहा, "यहां के कुछ होटलों की सेवाएं उन्हें दिए गए सितारे के अनुरूप नहीं हैं। वाईफाई ठीक काम नहीं करते। सेवक गुस्सैल हैं। इन बातों पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।"