दुबई: बहरीन में कोरोना वायरस से एक कैदी की मौत के बाद से बवाल मचा हुआ है। कैदी की मौत के बाद बहरीन में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। दरअसल, कैदी को कुछ महीने पहले ही कोविड-19 का टीका लगाया गया था और एक अधिकार समूह ने दावा किया कि कैदी को चीनी टीका सिनोफार्म लगाया गया था। हालांकि बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि बाराकात को वायरस के लिए बिना नाम वाले टीके की 2 खुराक लगाई गई थी। बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात की तरह बहरीन ने भी अपने यहां टीका लगाने के लिए सिनोफार्म पर भरोसा जताया था लेकिन इसके असर को लेकर सवाल उठने के बाद से बवाल हो रहा है।
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कैदी की मौत के बाद गांव में हुआ प्रदर्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैदी हुसैन बाराकात की मौत को लेकर बुधवार की रात को दीयाह गांव में सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया। प्रदर्शनकारी किंग हमद बिन इसा अल खलीफा को बाराकात की मौत के लिए जिम्मेदार बताते हुए नारे लगा रहे थे। गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि बाराकात (48) जीवन रक्षक प्रणाली पर था और एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि बाराकात को वायरस के लिए बिना नाम वाले टीके की दो खुराक लगाई गई थी। बहरीन इंस्टीट्यूट फॉर राइट्स एंड डेमोक्रेसी ने कहा कि बाराकात को चीनी टीका सिनोफार्म लगाया गया था।
सिनोफार्म के असरदार न होने की खबर
बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात की तरह बहरीन ने भी अपने यहां टीका लगाने के लिए चीन के सिनोफार्म पर भरोसा जताया था लेकिन अब वे फाइजर-बायोएनटेक के टीके के बूस्टर शॉट की पेशकश कर रहे हैं। यूएई में जिन लोगों को भी सिनोफार्म का टीका लगा है उनमें कम रोग प्रतिरोधी क्षमता बनने की खबरें हैं। इसके बाद देश में मई में घोषणा की गई कि सिनोफार्म की 2 खुराक लगवाने के 6 महीने बाद वह बूस्टर की पेशकश करेगा।