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थाईलैंड: 12 बच्चों के रेस्क्यू ऑपरेशन में इस भारतीय कंपनी ने की थी मदद

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Jul 11, 2018 11:08 am IST,  Updated : Jul 12, 2018 07:29 am IST

अंडर 16 टीम के 12 सदस्य और कोच थाइलैंड की इस गुफा में फंस गए थे जिन्हें 17 दिन चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया है।

thailand cave rescue operation- India TV Hindi
thailand cave rescue operation

मे साई: थाइलैंड की गुफा में फंसे सभी 13 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो गया है। अंडर 16 टीम के 12 सदस्य और कोच इस गुफा में फंस गए थे जिन्हें 17 दिन चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला गया है। बच्चों को बाहर निकालने में भारतय कंपनी के इंजीनियर्स ने बहुत बड़ा योगदान दिया। बच्चों के रेस्क्यू में महाराष्ट्र के सांगली जिले के किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड कंपनी के डिजाइनिंग इंजीनियर प्रसाद कुलकर्णी और उनकी टीम का अहम योगदान रहा है। इन्होंने गुफा में फंसे बच्चों के रेस्क्यू के लिए टेक्निकल सपोर्ट दिया था। पुणे स्थित कंपनी के हेडक्वार्टर से ये जानकारी दी गई है। (ईरान: बस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कम से कम 11 लोगों की मौत )

बाढ़ ग्रस्त गुफा से फुटबॉल टीम के 12 लड़कों और उनके कोच को सुरक्षित निकाले जाने के बाद फेसबुक पर पोस्ट कर बताया गया कि “ सभी सुरक्षित हैं ’। बचाव कार्य में मुख्य भूमिका में रही थाईलैंड के नेवी सील्स ने इस साहसिक कार्य का जश्न कल शाम एक पोस्ट के जरिए मनाया। इसमें उन्होंने लिखा , “ सभी 13 वाइल्ड बोर्स अब गुफा से बाहर हैं। ’’ वाइल्ड बोर बच्चों की फुटबॉल टीम का नाम है। पोस्ट में कहा गया , “ हमें नहीं पता कि यह कोई करिश्मा है , विज्ञान है या क्या है। ” पुडुचेरी की उप राज्यपाल किरण बेदी ने भी ट्वीट कर भारतय कंपनी किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड के इंजीनियर्स के योगदान की सरराहना की।

रविवार और सोमवार को थाईलैंड और अंतरराष्ट्रीय गोताखोरों के एक दल ने आठ लड़कों को बाहर निकाला। मंगलवार को अंतिम बचे चार लड़कों और उनके कोच को गुफा से बाहर लाया गया।

इन सभी के सुरक्षित बाहर आने के बाद एक चिकित्सक और तीन सील गोताखोर भी गुफा से बाहर आए जो कई दिनों तक इन लड़कों के साथ अंदर गुफा में मौजूद थे। अत्यंत जोखिम भरे इस मिशन के पूरा होने का समाचार मिलते ही बड़ी संख्या में मौजूद स्वयंसेवी और पत्रकारों ने इस साहसिक कार्य की वाहवाही की। गुफा से बाहर निकाले जाने के बाद लड़कों के अस्पताल पहुंचने पर सड़कों पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं और वाहवाही की। उनकी इस खुशी की गूंज घटना पर नजर रखे हुए दुनिया भर के हजारों लोगों से भी सुनी जा सकती है।

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