तेहरान: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने पेरिस में हुए हमलों के बाद यूरोप का अपना दौरा आज स्थगित कर दिया और इन हमलों को मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया। यह पिछले 10 वर्षों में ईरान के किसी राष्ट्रपति की यूरोप की पहली यात्रा थी। रूहानी फ्रांस की राजधानी पेरिस जाने से पहले आज रोम में पोप फ्रांसिस के साथ साथ इतालवी समकक्ष सर्जियो मेत्तारेला और प्रधानमंत्री मात्तेयो रेंजी से मुलाकात करने वाले थे। विदेश मंत्री मोहम्मद जव्वाद जरीफ ने सरकारी टेलीविजन चैनल को बताया कि रूहानी अब वियेना में सीरियाई संघर्ष पर अंतरराष्ट्रीय वार्ता में ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्री रूहानी के साथ इस यात्रा पर जाने वाले थे।
इससे पहले उप विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियां ईरानी दल का प्रतिनिधित्व करने वाले थे। ईरान की आधिकारिक संवाद समिति आईआरएनए ने बताया कि रूहानी ने पेरिस में हुई गोलीबारी और बमबारी को लेकर फ्रांस के अपने समकक्ष फ्रांस्वा ओलांद को भेजे अपने संदेश में संवेदनाएं प्रकट की हैं। रूहानी ने कहा, मैं आतंकवाद से पीडि़त रहे ईरानी लोगों की ओर से मानवता के खिलाफ इन अपराधों की कड़ी निंदा करता हूं और शोकाकुल फ्रांसीसी लोगों और सरकार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
जरीफ ने कहा कि पेरिस में हुए हमलों ने वियना वार्ताओं को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है क्योंकि विश्व की सरकारों को इस्लामिक स्टेट समूह और अन्य कट्टरपंथियों के खिलाफ मिलकर लड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, हमें इन अपराधों से मिले मौकों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग करने के लिए करना चाहिए। पेरिस में हुई घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखाया है कि आतंकवाद और कट्टरवाद अंतरराष्ट्रीय खतरा हैं और इनसे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।