बेरूत: इस्लामिक स्टेट जिहादी संगठन ने बुधवार को कहा कि उसने एक चीनी और एक नॉर्वेवासी बंधक को मौत के घाट उतार दिया है, वहीं फ्रांस और रूस द्वारा उसके सीरियाई गढ़ पर किए गए हवाई हमलों में 33 लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।
मॉस्को ने घोषणा की कि उसके युद्धक विमान सीरिया में आईएस के तेल टैकर ट्रकों को निशाना बना रहे हैं। आईएस ने कहा कि उसने चीन और नॉर्वे के दो बंधकों की हत्या कर दी है।
आईएस की अंग्रेजी पत्रिका दाबिक ने शवों की तस्वीर छापी है। ऐसा प्रतीत होता है कि ये चीनी बंधक फान जिंघुई और नॉर्वे का ओल जोहन ग्रीमस्गार्ड ओफ्साद के शव हैं। तस्वीर में स्टाम्प जैसे एक कैप्शन में लिखा है, ‘‘काफिर राष्ट्रों और संगठनों द्वारा छोड़े जाने के बाद मौत की सजा दी गई है।’’
चीनी बंधक की हत्या की पुष्टि का सत्यापन जरूरी
वहीं चीन बंधक की हत्या की खबर सुनकर स्तब्ध है और चीनी नागरिक की हत्या की पुष्टि की जांच आवश्यक मानता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ले ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "चीन इस खबर को सुनकर गहरे सदमें में है।"
होंग का कहना है कि चीन सरकार बंधक के अपहरण के बाद से लेकर अब तक उसे छुड़ाने का प्रयास कर रही थी।
आईएस ने इससे पहले सितंबर में चीन और नॉर्वे के नागरिक को बंधक बनाने की बात कही थी। आईएस की अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होने वाली पत्रिका 'दाबिक' में इन बंधकों की पहचान चीन के स्वतंत्र सलाहकार फैन जिंगहुई और नॉर्वे के ओल जोहान ग्रिम्सगार्ड ऑफ्टैड के रूप में इनकी उजागर की गई थी।
हालांकि, आईएस ने इन दोनों का अपहरण कब और कहां से किया, इसका उल्लेख नहीं किया।
विदेश मंत्रालय का कहना है कि आईएस द्वारा फैन के बारे में दी गई जानकारी विदेश में लापता एक चीनी नागरिक से मेल खाती है।