बेरूत: सीरिया से अब इस्लामिक स्टेट की पूरी तरह विदाई का रास्ता साफ हो गया है। देश की राजधानी दमिश्क में रविवार सुबह इस कुख्यात आतंकी संगठन के पहले समूह ने समझौते के तहत अपने अंतिम गढ़ को छोड़ दिया। यह घटनाक्रम कई हफ्ते तक चली भीषण लड़ाई के बाद हुआ। ब्रिटेन आधारित ‘सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स’ के प्रमुख रमी अब्दुल रहमान ने कहा, ‘इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों और उनके रिश्तेदारों ने यारमुक फिलीस्तीनी शरणार्थी शिविर और पास के तादामुन जिले को छोड़ दिया, जो 6 बसों में सवार थे।
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रहमान ने बताया कि सीरिया के विशाल रेगिस्तान के लिए बसें पूर्व की तरफ रवाना हो गईं जहां कुछ हिस्से पर इस्लामिक स्टेट का कब्जा आज भी बरकरार है। उन्होंने इसका कोई ब्योरा नहीं दिया कि वाहनों में कितने लोग सवार थे लेकिन उन्होंने कहा कि उनमें से अधिकतर जिहादियों के रिश्तेदार थे और उनके पास किसी भी तरह के हथियार नहीं थे। यह घटनाक्रम दक्षिणी दमिश्क से इस्लामिक स्टेट को खदेड़ने के लिए महीनेभर से जारी लड़ाई को खत्म करने के वास्ते हुए समझौते के एक दिन बाद हुआ।
सरकार समर्थक बल, खासकर फलस्तीनी मिलिशिया इस्लामिक स्टेट के कब्जे से यारमुक, तादामुन और कदम तथा हाजर अल असवाद को छुड़ाने के लिए 19 अप्रैल से लड़ रहे थे। ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, इस लड़ाई में 250 से अधिक शासन समर्थक सशस्त्रकर्मी और इस्लामिक स्टेट के 233 लड़ाके मारे गए। आपको बता दें कि एक समय इस्लामिक स्टेट ने इराक और सीरिया के बड़े हिस्से पर कब्जा जमा लिया था, लेकिन कई तरफ से जारी हमलों ने उसे मैदान छोड़ने पर मजबूर कर दिया। अब इस आतंकी संगठन का सिर्फ कुछ ही इलाकों पर कब्जा रह गया है।