1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. सैन्यवाद जापानियों के लिए सिद्ध हुआ था घातक

सैन्यवाद जापानियों के लिए सिद्ध हुआ था घातक

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 09, 2015 07:34 pm IST,  Updated : Aug 09, 2015 07:36 pm IST

बीजिंग: सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हुए देशों को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान में परमाणु बम से हुई बर्बादी से यह सीखने की ज़रूरत है कि सैन्यवादी जुनून बेहद घातक सिद्ध हो सकता है।

सैन्यवाद जापानियों के...- India TV Hindi
सैन्यवाद जापानियों के लिए सिद्ध हुआ था घातक

बीजिंग: सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटे हुए देशों को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जापान में परमाणु बम से हुई बर्बादी से यह सीखने की ज़रूरत है कि सैन्यवादी जुनून बेहद घातक सिद्ध हो सकता है। हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु हमले की 70वीं बरसी पर जापान में कई कार्यक्रम हो रहे हैं। हमले को याद किया जा रहा है, मृतकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

सैन्यवादी अतीत

मानव सभ्यता के इतिहास में परमाणु हमले की इस एकमात्र त्रासदी की याद जापान के लिए यह मौका भी लेकर आई है कि वह अपने सैन्यवादी अतीत पर निगाह डाले। इस बात का अहसास करे कि सैन्यवादी नीतियां ऐसे ही जघन्य हमलों को जन्म देती हैं।

बीते गुरुवार को हिरोशिमा पर हमले की याद में हुए कार्यक्रम में शहर के महापौर और प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने भी शिरकत की। 55,000 लोगों को अबे ने संबोधित किया।

अबे ने रविवार को नागासाकी में हुए कार्यक्रम में जापान में अमेरिका के राजदूत कैरोलीन केनेडी के साथ हिस्सा लिया।

हिरोशिमा और नागासाकी की घटनाएं मानवता के लिए एक त्रासदी

इसमें कोई शक नहीं कि हिरोशिमा और नागासाकी की घटनाएं समूची मानवता के लिए एक त्रासदी हैं। इस हमले में मारे गए बेकसूर लोगों और बच जाने के बाद कई मुसीबतों को बर्दाश्त करने वाले लोगों के साथ पूरी सहानुभूति ही जताई जा सकती है।

लेकिन, जापान के प्रधानमंत्री की नीतियां और कार्यकलाप और इनके अर्थ कुछ अलग तरह से इन पर ध्यान देने की मांग कर रहे हैं।

अबे और उनके मंत्री द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की भूमिका की न सिर्फ अनदेखी कर रहे हैं बल्कि जापान को एक पीड़ित के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही जापानी युद्ध अपराधियों का कुख्यात यासुकुनी मंदिर में महिमामंडन भी हो रहा है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश