नई दिल्ली: नेपाल में शनिवार को आए भूकंप से हुई भयंकर तबाही के बाद प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने कहा कि मौत का आंकड़ा 10 हजार के पार जा सकता है जबकि करीब 11,000 से ज्यादा लोग घायल हैं। भूकंप के चार दिन बाद भी राजधानी काठमांडू में लोग राहत के लिए तरस रहे हैं। ऊपर से बारिश ने उनकी मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं, ऐसे में इन राहत कैंपों में महामारी फैलने का खतरा भी मंडरा रहा है।
मलबे से लगातार निकलते शवों से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नेपाल सरकार राहत और बचाव पर पूरा जोर देने की बात कह रही है।
हालांकि नेपाल सरकार के दावों के उलट जमीनी हकीकत ये है कि लोग दाने-दाने को मोहताज हैं। नेपाल सरकार की ओर से राहत कैंप में नूडल्स बांटे तो जा रहे हैं। लेकिन भूकंप में जिनका सबकुछ तबाह हो चुका है वो बेचारे आखिर नूडल्स को पकाएं कैसे।
छोटे-छोटे बच्चे पेट की आग बुझाने के लिए कच्चा नूडल्स खा रहे हैं।
राहत सामग्री ना मिलने पर लोगों का गुस्सा नेपाल सरकार पर निकल रहा है।