काबुल: युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में आज इस्लामिक त्यौहार ईद-उल-अजहा के मौके पर लाखों लोगों ने शांति के लिए दुआ मांगते हुए नमाज अदा की और पकवानों का लुत्फ मनाया। मुसलमानों ने एशिया के दूसरे देशों में भी जानवरों की कुर्बानी दी, गरीबों को दान दिए और परिजनों के घर गए। अफगानिस्तान में सरकारी बलों और इस्लामी आतंकियों- मुख्य रूप से तालिबान विद्रोहियों और इस्लामी स्टेट- के लड़ाकों के बीच लड़ाई 2014 के बाद से इस साल रिकार्ड स्तर पर पहुंच गयी। 2014 में अमेरिका के नेतृत्व वाली विदेशी सेना देश से निकल गयी थी।
काबुल मैं रहने वाले नसरतुल्ला वफा ने कहा, हमारा देश करीब चार दशकों से युद्धग्रस्त है लेकिन ईद के ये तीन दिन हमारी जिंदगी के सबसे खुशी वाले दिन होते हैं क्योंकि इस मौके पर हमारा परिवार साथ आता है और हम त्यौहार मनाते हैं, उसका आनंद उठाते हैं। राजधानी की सड़के अधिकतर खाली थीं और संभावित हमलों को देखते हुए सेना ने सुरक्षा उपायों के तहत कई सड़कें बाधित कर रखी थीं जबकि पुलिस ने सुबह ईद की नमाज के दौरान मस्जिदों के बाहर सुरक्षा घेरा बना रखा था।