लाहौर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाहौर में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात कर भारत लौट आए हैं। पीएम मोदी शुक्रवार शाम अचानक बने कार्यक्रम के तहत काबुल से नई दिल्ली लौटते समय प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंचे थे। हवाईअड्डे पर शरीफ ने उनकी अगवानी की। मोदी अलामा इकबाल अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर जैसे ही भारतीय वायुसेना के विमान से नीचे उतरे, शरीफ ने गर्मजोशी से उन्हें गले लगाया। मोदी ने शरीफ को जन्मदिन की बधाई दी।
शरीफ के छोटे भाई और पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान के वित्तमंत्री इशाक डार भी मोदी की अगवानी में शामिल थे। भारतीय राजदूत टी.सी.ए. राघवन भी इस मौके पर उपस्थित थे।
दोनों लाहौर में नवाज शरीफ के चॉपर में बैठकर शरीफ की नातिन के निकाह में शामिल होने उनके पैतृक गांव जट्टी अमरा रवाना हो गए। मोदी ने करीब डेढ़ घंटे शरीफ से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देसी घी से बने व्यंजनों का स्वाद चखा और नवाज शरीफ की मां के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। मुलाकात के बाद मोदी लाहौर एयरपोर्ट के लिए वापस निकल गए।
अधिकारियों ने कहा कि मोदी ने इसके पहले काबुल से ही शरीफ से बात की थी और उन्हें जन्मदिन की बधाई दी थी। मोदी के साथ 120 सदस्यी प्रतिनिधिमंडल है। मोदी की पाकिस्तान की यह पहली यात्रा है और 11 वर्षो में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की भी यह पहली पाकिस्तान यात्रा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल इस यात्रा के दौरान मोदी के साथ हैं। मोदी बाद में शरीफ के साथ एक हेलीकॉप्टर पर सवार हुए और बातचीत के लिए लाहौर के पास स्थित नवाज के पैतृक घर के लिए रवाना हो गए।
बता दें कि मोदी ने ट्वीट किया था, 'प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से आज दोपहर को मिलने को आशान्वित हूं जहां मैं दिल्ली लौटते हुए रूकूंगा।'
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से बात की और उन्हें उनके जन्मदिन पर बधाई दी। इससे पहले आज सुबह, प्रधानमंत्री मोदी ने आज अपने पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ को उनके 66वें जन्मदिन की बधाई दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। मोदी ने अफगानिस्तान से ट्वीट करके बताया, मैंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को उनके जन्मदिन पर शुभकामना दी और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। वह आज तडके अफगानिस्तान पहुंचे।
कई माह बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में कुछ प्रगति दिख रही है। मोदी और शरीफ की पेरिस में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों ने समग्र बातचीत शुरू करने का निर्णय लिया है।