जकार्ता: पिछले वर्ष जावा समुद्र में एयर एशिया ए 320 के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण खराब उपकरण और क्रू सदस्यों का अनमनापन था। यह जानकारी इंडोनेशिया के एक रिपोर्ट में बताई गई है। दुर्घटना में 162 लोग मारे गए थे। इंडोनेशिया के सुराबाया से सिंगापुर जा रहा विमान क्यूजेड 8501, 28 दिसम्बर को खराब मौसम के कारण समुद्र में समा गया।
एयरबस ए 320...200 की दुर्घटना के बाद बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोज अभियान चलाया गया और कई देशों के पोतों और विमानों ने खोज अभियान में हिस्सा लिया। दुर्घटना में मारे गए लोगों में से 56 के शव का कभी पता नहीं चल सका। इंडोनेशिया के आधिकारिक नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी कमिटी ने दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट में आज कहा कि दुर्घटना का मुख्य कारण विमान की खराब देखरेख और उस प्रणाली में खामी थी जिससे विमान की आवाजाही नियंत्रित करने में सहयोग मिलता है।
इसने कहा कि उपकरण में दरार के कारण इसमें खराबी थी और पायलटों को बार-बार चेतावनी संदेश भेजा गया। इसके जवाब में उन्होंने एक कम्प्यूटर प्रणाली को ठीक करने का प्रयास किया लेकिन इस प्रक्रिया में विमान को ऑटोपायलट मोड में बदल दिया जिससे यह तेजी से चक्कर काटने लगा और फिर इसे पहले की स्थिति में नहीं लाया जा सका।
रिपोर्ट में कहा गया है, इसके बाद क्रू की कार्यवाही से विमान पर नियंत्रण नहीं हो सका और विमान में खराबी आ गई जिसे क्रू सदस्य ठीक करने में सक्षम नहीं थे। जांचकर्ताओं ने कहा कि विमान जब समुद्र की ओर जा रहा था तो पायलट के बीच संवाद ठीक से नहीं हुआ और एक छोर पर खड़े लोग अपने नियंत्रण स्टिक को दूसरी दिशा में धकेल रहे थे।
जांचकर्ता नुरकायो उटोमो ने कहा कि एयरबस विमान को उड़ा रहे एयर एशिया के पायलटों को पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला था कि विमान जब बुरी तरह अस्थिर हो जाए तो वे क्या करें। रिपोर्ट में देखरेख के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया गया कि खराब उपकरण, रडर ट्रैवल लिमिटर में पिछले 12 महीने में 23 समस्याएं आई थीं।