Bangladesh Election 2026 Live: बांग्लादेश में 13वें आम सभा के लिए स्थानीय समयानुसार सुबह 7.30 बजे से वोटिंग जारी है। बीएनपी के छात्र संगठन ने जमात-ए-इस्लामी पर अवैध वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी डर के अपना वोट डालने का आह्वान किया। इससे पहले बीएनपी लीडर तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल के पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो उनका मुख्य फोकस देश की सुरक्षा पर होगा। इस बीच जमात ने वोटिंग में गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 42,651 केंद्रों पर मतदान जारी है और अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित नहीं किया गया है। ढाका में हिंदुओं ने भी अपने मताधिकारों का प्रयोग किया। शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही बांग्लादेश के हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हो रही है। कई हिंदुओं की हत्याएं हुई हैं, उन्हें जिंदा जलाया गया और कई हिंदुओं के घरों को फूंक दिया गया। बावजूद हिंदू अपनी सुरक्षा और शांति के लिए वोट कर रहे हैं।
बांग्लादेश में चुनाव के दौरान बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे एक बम धमाका हुआ है। इसमें 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार यह ब्लास्ट गोपालगंज में मतदान केंद्र पर एक क्रूड बम के जरिया हुआ। इस विस्फोट से 3 लोग घायल गए। घटना गोपालगंज शहर में सुबह करीब 9 बजे शहर के निचुपारा इलाके में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर हुई। प्रिजाइडिंग ऑफिसर जहीरुल इस्लाम ने इसकी पुष्टि की है। घायलों में दो अंसार सदस्य-सुकांता मजुमदार और जमाल मोल्ला व 13 वर्षीय किशोरी अमेना खानम है, जो शहर के आरामबाग इलाके के निवासी आशरफ अली मिशु की बेटी है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृहनगर कहे जाने वाले गोपालगंज क्षेत्र में सुबह के दौरान पोलिंग बूथ पूरी तरह से खाली दिखाए गए। अलजजीरा ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में बहुत कम मतदाता घर से बाहर निकल रहे हैं। सुबह के वक्त पोलिंग बूथ लगभग खाली पड़ा रहा। अवामी लीग के समर्थक मतदान से दूर रहते दिख रहे हैं। यह जिला टुंगीपाड़ा को शामिल करता है। यह स्थान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का जन्मस्थान और मकबरा स्थल और लंबे समय से अवामी लीग का गढ़ माना जाता रहा है। स्थानीय प्रसारक एकॉन टीवी की एक रिपोर्ट में टुंगीपाड़ा के एक मतदान केंद्र पर सुबह के समय बहुत कम मतदाता दिखाए गए। इसे "लगभग खाली" बताया गया, जहां मुश्किल से कोई आ रहा था।
हसीना ने बार-बार गोपालगंज-3 से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर वह बड़े अंतर से जीत हासिल करती रहीं। गोपालगंज-1, 2 और 3 में कुल मिलाकर जिले में लगभग दस लाख मतदाता हैं। मगर इस बार अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है, जिससे उसका प्रतीक "नाव" मतपत्र पर नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव उसके गढ़ इलाकों में भागीदारी को कम कर सकता है। अब भारत में निर्वासन में रह रही हसीना और उनके सहयोगियों ने समर्थकों से गुरुवार के मतदान का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने "No Boat, No Vote" (नाव नहीं, वोट नहीं) के तहत यह अपील जारी की है। उनका तर्क है कि अवामी लीग के बिना चुनाव "वैध नहीं माना जा सकता"। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी मीडिया और सोशल मीडिया पर बार-बार कहा है कि "वोट डालने का कोई मतलब नहीं"। उन्होंने इस चुनाव को "नकली" करार दिया है।

बांग्लादेश चुनाव में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी का बड़ा इनपुट सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के हवाले से यह खबर दी गई है। भारत के लिहाज से बांग्लादेश में इन आतंकियों की मौजूदगी को एक बड़े खतरे के तौर पर देखा जा रहा है। इससे चुनावी माहौल बिगड़ने की भी आशंका है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी सक्रिय बताई जा रही है। ISI की मंशा बांग्लादेश की सत्ता संरचना पर रणनीतिक पकड़ बनाने की है। वेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। वहीं इस इनपुट के बाद भारतीय सीमा क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी गई है। बांग्लादेश में चुनाव के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियों की हाई-लेवल मीटिंग चल रही है। साथ ही दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां भी हालात पर रखे नजर रख रही हैं।
अंतरिम सरकार के मुखिय मोहम्मद यूनुस सुबह 10 बजे अपना वोट करेंगे। अन्य पार्टियों के लीडरों ने मतदान कर दिया है। सभी पोलिंग स्टेशनों पर सुरक्षा सख्त है। बांग्लादेश की 300 संसदीय सीटों के लिए 12.7 करोड़ मतदाता वोट डाल रहे हैं। हालांकि शेरपुर-3 संसदीय सीट पर एक उम्मीदवार की मौत हो जाने से मतदान स्थगित कर दिया गया है। अब केवल 299 सीटों पर मतदान हो रहा है। यह मतदान शाम 4.30 बजे तक चलेगा। वोटों की गिनती शाम 5 बजे से शुरू हो जाएगी।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। यह बांग्लादेश के इतिहास का सबसे अहम चुनाव माना जा रहा है। साल 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व वाले हुए जन-आंदोलन के बाद यह पहला आम चुनाव है। छात्रों द्वारा किए गए इस आंदोलन ने शेख हसीना की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका था, जिसके बाद उनको भारत में शरण लेनी पड़ी।
बांग्लादेश के अधिकारियों के अनुसार स्थानीय समयानुसार सुबह सुबह 7:30 बजे से वोटिंग शुरू हुई है, जो कि शाम 4.30 बजे तक चलेगी। कुछ जगहों पर शाम साढ़े पांच या साढ़े छह बजे तक भी वोटिंग चल सकती है। मतों की गणना शाम 5 बजे से शुरू हो जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त है। आधे से अधिक पोलिंग स्टेशन अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सीसीटीवी से पोलिंग बूथों की निगरानी की जा रही है।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाता 299 संसदीय सीटों के लिए वोट डाल रहे हैं। साथ ही एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (referendum) भी चल रहा है, जिसमें संवैधानिक, चुनावी और संस्थागत सुधारों के 84-पॉइंट पैकेज पर राय ली जा रही है।
पहली बार यह चुनाव बांग्लादेश की आवामी लीग पार्टी के बगैर हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को आंदोलन के दमन और हत्याओं का दोषी ठहराये जाने और उन्हें मौत की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी आवामी लीग पार्टी को भी यूनुस सरकार द्वारा बैन कर दिया गया था। ऐसे में अब मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन के बीच है। BNP के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान इसका नेतृत्व कर रहे हैं, जो 17 साल के निर्वासन के बाद ढाका लौटे हैं। वह प्रधानमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग के बीच जमात-ए-इस्लामी के कैंडिडेट खालिदुज़ ज़मान ने कुछ जगहों पर वोटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मीडिया से बात करते हुए BNP चेयरमैन तारिक रहमान के खिलाफ चुनाव लड़ रहे जमात-ए-इस्लामी के कैंडिडेट खालिदुज़ ज़मान ने कहा, 'हालात अच्छे नहीं हैं क्योंकि बिना पोलिंग एजेंट के, एक अलग कमरे में कोई पेपर सील कर रहा है। यह पूरी तरह से निराशाजनक है। मैंने कुछ जगहों पर ऐसा देखा है। हमें उम्मीद थी कि जमात-ए-इस्लामी चुनाव जीतेगी, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो हम कैसे उम्मीद कर सकते हैं।'
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की आवामी लीग पार्टी को बैन किए जाने से कई इलाकों में लोगों ने वोट का पूर्ण बहिष्कार किया और पोलिंग बूथ खाली पड़े रहे। बांग्लादेश की आवामी लीग पार्टी ने इसका एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पोलिंग बूथ सन्नाटे में हैं। आवामी लीग ने लिखा, जब लोगों पर अत्यधिक अत्याचार और छल किया जाता है, जब मतदान जैसे बुनियादी अधिकार का प्रयोग करने में भी उन्हें अपने मनपसंद उम्मीदवार को चुनने की अनुमति नहीं दी जाती तो वे इसे अस्वीकार कर देते हैं। भीड़-भाड़ वाले देश में लोगों ने इसलिए यूनुस के अवैध चुनाव का बहिष्कार किया है, क्योंकि वे जानते हैं कि यह चुनाव धांधली वाला है। परिणाम पहले से ही तय हैं।
बांग्लादेश में बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हो गई। इस भिड़ंत में बीएनपी के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।
13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव और जनमत संग्रह के लिए मतदान बिना किसी बड़ी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हुआ और दोपहर 2 बजे तक राजशाही जिले में मतदान 46.16 प्रतिशत तक पहुंच गया। जिले की रिटर्निंग ऑफिसर अफिया अख्तर ने बताया कि सभी केंद्रों पर मतदान सुचारू रूप से चल रहा है और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। छह निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत स्थिर रहा। राजशाही-4 में सबसे अधिक 49 प्रतिशत मतदान हुआ, इसके बाद राजशाही-3 और राजशाही-5 में 48 प्रतिशत मतदान हुआ। राजशाही-6 (बाघा-चारघाट) में 46 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि राजशाही-1 (तानोर-गोदागरी) और राजशाही-2 (सदर) में लगभग 45 प्रतिशत मतदान हुआ।
द डेली स्टार की खबर के अनुसार बांग्लादेश के सीईसी एएमएम नसीरुद्दीन ने गुरुवार को कहा कि बांग्लादेश लोकतंत्र के पथ पर अग्रसर है और उन्होंने आशा व्यक्त की कि "लोकतंत्र की यह ट्रेन" अपने गंतव्य तक अवश्य पहुंचेगी। उन्होंने राजधानी के एस्काटन गार्डन हाई स्कूल मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ये बातें कहीं। सीईसी ने कहा कि मौजूदा चुनावों के माध्यम से चुनाव आयोग पर जनता का विश्वास बहाल हो रहा है। उन्होंने कहा, "यदि विश्वास बहाल नहीं हुआ होता, तो इतने सारे लोग मतदान केंद्रों पर नहीं आते।"
नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के मुख्य समन्वयक नसीरुद्दीन पटवारी ने आज ढाका-8 के मतदान केंद्रों का दौरा किया और कहा कि मतदाता पार्टी के "शापला कोली" (जल लिली की कली) चिन्ह का समर्थन कर रहे हैं।
बांग्लादेश में हो रहे चुनाव के दौरान पूर्वोत्तर जिले मौलवीबाजार में एक युवा हिंदू चाय बागान मजदूर का खून से सना शव मिला है, जिसके हाथ और पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। यह घटना गुरुवार को चल रहे 13वें संसदीय चुनाव के मतदान से ठीक एक दिन पहले हुई है, और यह दो दिनों में हिंदू समुदाय की दूसरी हत्या है। पुलिस ने 28 वर्षीय रतन शुवो कर का शव मौलवीबाजार के कमलगंज उपजिला में चम्पारा चाय बागान (इस्लामपुर यूनियन के अंतर्गत) से बुधवार को बरामद किया। घटना के बारे में स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 10 बजे सूचना दी। शव पर स्पष्ट चोट के निशान थे और वह खून से लथपथ था।
यूरोपीय संघ चुनाव पर्यवेक्षण मिशन (ईयू ईओएम) के मुख्य पर्यवेक्षक, इवार्स इजैब्स ने आज के दिन को "बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा दिन" बताया। उन्होंने कहा कि "मुझे लगता है कि यह वास्तव में बांग्लादेश के लोकतंत्र के लिए एक बड़ा दिन है। द डेली स्टार की खबर के अनुसार इजैब्स ने न्यू बेली रोड स्थित सिद्धेश्वरी गर्ल्स कॉलेज में मतदान शुरू होने का अवलोकन करने के बाद यह बात कही।
ढाका-6 निर्वाचन क्षेत्र के हिंदुओं ने बृहस्पतिवार को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चुनाव में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकारों का प्रयोग करने के लिए आगे आए हैं। बांग्लादेश भर में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, धमकियों और लक्षित घटनाओं की हालिया खबरों के कारण व्याप्त भय के माहौल के बावजूद समुदाय के सदस्य मतदान प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं।
बांग्लादेश में सुबह 7.30 बजे से मतदान जारी है। यह शाम 4.30 बजे तक होगा। इसके बाद 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। सुबह तक नतीजे आने की उम्मीद है।
अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश के प्रोथोम आलो समाचार आउटलेट की रिपोर्ट के अनुसार, जमात-ए-इस्लामी के सहायक महासचिव एहसानुल महबूब जोबैर ने देश भर में अलग-अलग घटनाओं में समर्थकों पर हुए हमलों का दावा किया है। ढाका में जमात के केंद्रीय कार्यालय के बाहर एक संवाददाता सम्मेलन में, जोबैर ने कहा कि हमले भोला, कुमिला और हटिया उपज़िला में हुए, और भोला में झड़पें "अभी भी जारी हैं"।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग के अनुसार दोपहर 12 बजे तक 32.88 फीसदी वोटिंग हो चुकी है। पूर्व पीएम शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में क्रूड बम ब्लास्ट में 3 लोगों के घायल होने और कुछ छिटपुट घटनाओं के अलावा अब तक कोई बड़ी घटना रिपोर्ट नहीं हुई है।
बीएनपी के छात्र संगठन ने जमात-ए-इस्लामी पर अवैध वोट डालने का आरोप लगाया है। संगठन ने कहा कि जमात मतदाताओं को गुमराह करने और अवैध वोट डालने की कोशिश कर रही है। संगठन ने कहा, "हमारे पास सबूत हैं कि वे मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को बहिष्कृत कर रहे हैं, उन्हें गुमराह कर रहे हैं और वहां आपराधिक गतिविधियां कर रहे हैं। वे अवैध वोट भी डाल रहे हैं।" एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, जुबैर ने आगे कहा, "नई पीढ़ी की अपेक्षाएं बीएनपी की अपेक्षाओं से पूरी तरह मेल खाती हैं और जमात-ए-इस्लामी की मांगों से भी विरोधाभास रखती हैं। वे वास्तव में एक भूमिगत पार्टी हैं, जिनको वास्तव में राष्ट्रीय सभा में भाग लेने का अधिकार नहीं है।"
पूर्व भारतीय राजनयिक सुरेंद्र कुमार ने बांग्लादेश के आज चल रहे आम चुनाव को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले जब शेख हसीना भारत आई थीं, तब बांग्लादेश में हिंसा, नफरत, भारत-विरोधी भावना और हसीना-विरोधी माहौल चरम पर था। धीरे-धीरे स्थिति बदल गई है। सुरेंद्र कुमार ने कहा, "अवामी लीग चुनाव में भाग नहीं ले रही है... हमें वास्तविकता स्वीकार करनी होगी। अब बीएनपी है, जिसके नेता रहमान (तारिक रहमान) बाहर से लौटे हैं; कम से कम शिक्षित, पश्चिमी-उदारवादी और अधिक लोकतांत्रिक लोग सुरक्षित महसूस करेंगे।
दूसरी ओर, जमात-ए-इस्लामी, जो एक बहुत रूढ़िवादी पार्टी है, पाकिस्तान की आईएसआई से काफी समर्थन प्राप्त करने वाली मानी जाती है और कुछ ऐसी मान्यताओं में विश्वास करती है जो जरूरी नहीं कि अधिक लोकतांत्रिक हों।"उन्होंने पिछले दो महीनों में हिंदुओं, भारतीयों और अन्यों पर बढ़ते हमलों का जिक्र किया, जो अधिक क्रूर तरीके से हो रहे हैं। सुरेंद्र कुमार ने कहा, "यह चुनाव कम से कम इस चरण को समाप्त करेगा और एक चुनी हुई सरकार लाएगा जो अधिक जिम्मेदार होगी।
ढाका-17 निर्वाचन क्षेत्र से बीएनपी के तारिक रहमान के प्रतिद्वंदी खालिदज ज़मान ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “हालात ठीक नहीं हैं, क्योंकि मतदान प्रतिनिधि के बिना, एक अलग कमरे में, कोई व्यक्ति कागज़ात सील कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ जगहों पर ऐसा देखा है। हमें उम्मीद थी कि जमात-ए-इस्लामी चुनाव जीतेगी, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो हम कैसे उम्मीद रख सकते हैं।”
बांग्लादेश की जमात-ए-इस्लामी पार्टी ने कहा कि 13वें संसदीय चुनाव में मतदान सहज और उत्सवपूर्ण माहौल में हो रहा है, जिसमें "भारी संख्या में लोग" भाग ले रहे हैं और मतदाताओं में उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। द डेली स्टार की खबर के अनुसार जमात के सहायक महासचिव एहसानुल महबूब जुबैर ने ढाका के मोगबाजार स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में सुबह लगभग 10:40 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा-“यह चुनाव पिछले डेढ़ दशक में सबसे जीवंत है। यह नई पीढ़ी के लिए एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अनुभव है।"
आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने मतदाताओं से बिना किसी डर के अपना वोट डालने का आह्वान किया।
पूर्व बीएनपी मंत्री सरवरी रहमान ने कहा, "मैंने अपना वोट डाल दिया है... सब कुछ बहुत अच्छे से हुआ, और सब कुछ बहुत व्यवस्थित था... महिलाएं स्वतंत्र रूप से मतदान कर रही हैं... मुझे बहुत खुशी हो रही है। इतने सालों बाद आखिरकार सही तरीके से चुनाव हो रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि परिणाम अच्छा होगा और संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलेगा... हमने इतने सालों में जो देखा है, मुझे लगता है कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा।"
बांग्लादेश में कुल मतदान केंद्र: 42,779 बनाए गए हैं। इनमें से 21,506 केंद्रों को "जोखिमपूर्ण" के रूप में चिह्नित किया गया है, जहां सीसीटीवी के जरिये गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने आज सुबह ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना मत डाला। पत्रकारों से बातचीत में यूनुस ने आज के दिन को देश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, “आज से हमने हर कदम पर एक नया बांग्लादेश बनाने का अवसर प्राप्त कर लिया है।” उन्होंने जोर दिया कि उम्मीदवारों के लिए वोटिंग महत्वपूर्ण है, लेकिन रेफरेंडम “विशेष रूप से महत्वपूर्ण” है, क्योंकि यह देश को पूरी तरह बदल सकता है।
बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार के अनुसार ढाका के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट महबूब उल्लाह मजूमदार ने बताया, "ढाका के 1, 2, 3, 19 और 20 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 10:00 बजे तक लगभग 11.78 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मत डाले।"
अलजजीरा ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में बहुत कम मतदाता घर से बाहर निकल रहे हैं। सुबह के वक्त पोलिंग बूथ लगभग खाली पड़ा रहा। अवामी लीग के समर्थक मतदान से दूर रहते दिख रहे हैं। यह जिला टुंगीपाड़ा को शामिल करता है। यह स्थान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का जन्मस्थान और मकबरा स्थल और लंबे समय से अवामी लीग का गढ़ माना जाता रहा है। स्थानीय प्रसारक एकॉन टीवी की एक रिपोर्ट में टुंगीपाड़ा के एक मतदान केंद्र पर सुबह के समय बहुत कम मतदाता दिखाए गए। इसे "लगभग खाली" बताया गया, जहां मुश्किल से कोई आ रहा था।
ढाका-9 से निर्दलीय उम्मीदवार तसनीम जरा ने आरोप लगाया कि उनके मतदान एजेंटों को कई मतदान केंद्रों पर बाधाओं का सामना करना पड़ा, जिनमें से कई को प्रवेश से वंचित कर दिया गया या उन्हें उन आधारों पर निष्कासित कर दिया गया, जो "बेबुनियाद और मनगढ़ंत" हैं।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भी अपना वोट डाल दिया है। उन्होंने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कालेज के पोलिंग बूथ पर स्थानीय समयानुसार 10.26 बजे मतदान किया। उनसे पहले बीएनपी लीडर तारिक रहमान और जमात के लीडरों ने भी अपना वोट डाला।
बांग्लादेश चुनाव के दौरान जमात-ए-इस्लामी का बड़ा खेल सामने आया है। चुनावी बैलेट पेपर पर पहले से स्टांप लगे मिलने से हड़कंप मच गया है।
बांग्लादेश के आम चुनाव में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों की मौजूदगी दर्ज होने से हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने यह इनपुट दिया है। इससे चुनावी माहौल बिगाड़ने की साज़िश की आशंका जाहिर की जा रही है। इसके साथ ही खुफ़िया हलकों में ISI की सक्रियता भी बढ़ी है। पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी ISI चुनावी हालात पर नज़र रही है।
द डेली स्टार की खबर के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासीरुद्दीन ने कहा कि चुनाव अब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से चल रहा है। कुछ मतदान केंद्रों के बाहर छिटपुट अप्रिय घटनाएं हुईं, जो महत्वपूर्ण नहीं हैं।”
गुलशन क्षेत्र के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज केंद्र में अपना वोट डालने के बाद तारिक रहमान ने कहा, “अगर हम सरकार बनाते हैं, तो हम देश में कानून व्यवस्था सुधारने को प्राथमिकता देंगे। ताकि जनता सुरक्षित महसूस करे।” वह ढाका-17 और बोगुरा-6 से उम्मीदवार हैं।
बांग्लादेश चुनाव में सबसे ज्यादा उम्मीदवार बीएनपी ने उतारे हैं। इसके 292 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वहीं जमात के 225, एनसीपी के 32, जातीय पार्टी (इरशाद) के 196, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के 259 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, 13वें संसदीय चुनाव के लिए अपना वोट डालने के बाद ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज स्थित एक मतदान केंद्र से बाहर निकले। मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत करने का प्रयास किया।
जमात-ए-इस्लामी के लीडर अमीर शफीकुर रहमान ने मणिपुर हाई स्कूल केंद्र पर अपना वोट डाला। एनसीपी संयोजक नाहिद इस्लाम ने मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी "सरकार बनाने के कगार पर है" और नागरिकों से बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैंने अपने जीवन का पहला वोट बिना किसी परेशानी के डाला है। मैं सभी से वोट डालने का आग्रह करता हूं। द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने ठाकुरगांव सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल केंद्र पर सुबह करीब 7:40 बजे अपना वोट डाला।
बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान, 13वें संसदीय चुनाव के लिए अपना वोट डालने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज में स्थित एक मतदान केंद्र पर पहुंचे।
बांग्लादेश में 51 राजनीतिक दलों से कुल 1,755 उम्मीदवार मैदान में हैं। साथ ही 273 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। इनमें 83 महिला उम्मीदवार हैं।
बांग्लादेश के 2026 संसदीय चुनावों में विभिन्न देशों की ओर से गए पर्यवेक्षकों द्वारा दुनिया का पहला जेनरेशन Z से प्रेरित चुनाव बताया जा रहा है। यह राजनीतिक परिदृश्य को नया रूप देने में युवा मतदाताओं और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। यह चुनाव साल 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल किए जाने के बाद हो रहा है। विद्रोह में शामिल कई युवा वोटर मानते हैं कि 2009 के बाद से यह देश का पहला वास्तव में प्रतिस्पर्धी चुनाव है। 30 वर्ष से कम आयु के जेनरेशन Z कार्यकर्ताओं के नेतृत्व वाली नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) इसी आंदोलन से उभरी है।
ढाका के मीरपुर-10 निर्वाचन क्षेत्र में जमात और बीएनपी समर्थकों के बीच झड़प की खबरें आई हैं। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
बांग्लादेश संसदीय चुनाव में जमात-ए-इस्लामी, एनसीपी और बीएनपी के प्रमुख नेताओं ने मतदान कर दिया है। चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस सुबह 10 बजे वोट डालेंगे।
आईएबी के वरिष्ठ नायब-ए-अमीर सैयद मुहम्मद फैजुल करीम ने बरिशाल शहर के रूपाताली लालार दिघिरपार सरकारी प्राथमिक विद्यालय केंद्र में अपना वोट डाला।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस सुबह 10 बजे अपना वोट डालेंगे। बांग्लादेश के द डेली स्टार न्यूज के अनुसार यूनुस ढाका के स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर वोट डालने पहुंच सकते हैं।
इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसके पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है, क्योंकि हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की चुनाव में अनुपस्थिति है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने पिछले साल अवामी लीग को भंग कर दिया और उसे चुनाव लड़ने से रोक दिया।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है, जिसमें लगभग 10 लाख सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। आयोग के अनुसार यह देश के चुनाव इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है। अब तक हिंसा की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के साथ एक जटिल 84-सूत्रीय सुधार पैकेज पर राष्ट्रीय जनमत संग्रह भी हो रहा है, जिसमें मतदाताओं को तय करना है कि वह यूनुस सरकार द्वारे पेश संवैधानिक सुधार मसौदे के पक्ष में हैं या खिलाफ में। यह बांग्लादेश की आजादी के बाद से अब तक का चौथा रेफरेंडम है। आखिरी रेफरेंडम 1991 में हुआ था।
एक मतदाता का कहना है, "मुझे बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि यह मेरे जीवन में पहली बार है जब मैंने मतदान किया है, और यह बहुत आसान है.. क्योंकि मतपत्रों से कोई समस्या नहीं हो रही है... मतदाताओं को अपना वोट डालने में कोई परेशानी नहीं होगी, और अंदर की व्यवस्था ऐसी है कि इसे संख्या के अनुसार अलग-अलग कमरों में वितरित किया गया है... उन्होंने अब तक इसे बहुत अच्छे से प्रबंधित किया है..."
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हो रही वोटिंग को लेकर युवा मतदाता उत्साहित हैं। एक मतदाता का कहना है, "...हम बहुत उत्साहित हैं क्योंकि हम पिछले 17 या 18 वर्षों से मतदान नहीं कर पाए हैं। हम इस चुनाव में उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करना चाहते हैं। माहौल काफी सुखद है। सुरक्षा व्यवस्था अच्छी है, और हम आसानी से अपना वोट डाल सकते हैं..."
ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां लोग अपना वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी पोलिंग बूथ पर अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी व दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान भी वोट डालने आएंगे। बीएनपी के अलावा जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटिजन पार्टी और अन्य पार्टियां चुनाव मैदान में हैं।
बांग्लादेश के एक युवा मतदाता का कहना है, "मैं इस बार जल्दी आया हूं, ताकि जल्दी मतदान कर सकूं। हमें उम्मीद है कि मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष होगा। आशा है कि हमें कुछ अच्छे उम्मीदवार और राष्ट्र के लिए काम करने वाले लोग देखने को मिलेंगे। हमारा राष्ट्र भ्रष्टाचार मुक्त होगा..."
बांग्लादेश में वोटिंग के लिए बहुत बड़ी संख्या में लोग पोलिंग बूथ पहुंच रहे हैं।
बांग्लादेश में पोलिंग स्टेशनों के बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा है। मतदाताओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं।
बांग्लादेश में 300 की जगह अब 299 संसदीय सीटों पर वोट डाले जाएंगे। शेरपुर-3 संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के बाद वहां मतदान स्थगित कर दिया गया है। बांग्लादेश में कुल 42, 779 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के नेता तारिक रहमान के वोट डालने की उम्मीद है। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी, जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटिजन पार्टी और अन्य पार्टियां चुनाव मैदान में हैं। अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई है।
बांग्लादेश में 51 राजनीतिक पार्टियां चुनावी मैदान में हैं। थोड़ी ही देर में वोटिंग शुरू होने वाली है।
बांग्लादेश में आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता का 2024 के घातक विद्रोह के बाद पतन होने के बाद पहली बार आम चुनाव हो रहा है।
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