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BRICS Summit 2022: 14वें ब्रिक्स सम्मलेन से पहले मिले चीनी विदेश मंत्री और भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत, जानें क्या हुई बात?

 Edited By: Shashi Rai @km_shashi
 Published : Jun 23, 2022 01:50 pm IST,  Updated : Jun 23, 2022 01:58 pm IST

BRICS Summit 2022: चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मेजबानी में बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की।

14वें ब्रिक्स सम्मलेन से पहले मिले चीनी विदेश मंत्री और भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार - India TV Hindi
14वें ब्रिक्स सम्मलेन से पहले मिले चीनी विदेश मंत्री और भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार    Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • चीनी विदेश मंत्री से मिले भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार
  • 14वें ब्रिक्स सम्मलेन से पहले दोनों नेताओं की हुई मुलाकात
  • चीन और भारत के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं: वांग

BRICS Summit 2022: चीन में भारतीय राजदूत प्रदीप कुमार रावत ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मेजबानी में बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। मार्च में चीन में भारत के नए राजदूत के रूप में पदभार संभालने के बाद रावत की वांग के साथ यह पहली मुलाकात है। रावत और वांग के बीच हुई मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह 14वें ब्रिक्स सम्मलेन से पहले हुई है। इसके अलावा यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दो साल पहले लद्दाख में पैदा हुए सैन्य गतिरोध के चलते द्विपक्षीय संबंधों में आई खटास के बीच हुई है। 

चीन और भारत के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं: वांग 

सैन्य स्तर की वार्ता के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों ने पिछले साल पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे और गोगरा क्षेत्र में सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया पूरी की थी। भारत लगातार यह मानता रहा है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों में समग्र प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। मुलाकात को लेकर चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में वांग के हवाले से कहा गया है, “चीन और भारत के साझा हित उनके मतभेदों से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। दोनों पक्षों को एक-दूसरे को कमजोर करने के बजाय समर्थन करना चाहिए, एक-दूसरे के खिलाफ रक्षा क्षमता के बजाय सहयोग को मजबूत करना चाहिए और एक-दूसरे पर संदेह करने के बजाय आपसी विश्वास को बढ़ाना चाहिए।” 

'संबंधों को सुधारने के लिए दोनों पक्षों को बात करनी चाहिए'

चीनी विदेश मंत्री ने कहा, “दोनों पक्षों को द्विपक्षीय संबंधों को जल्द से जल्द स्थिर करने और पटरी पर लाने के लिए एक-दूसरे से बात करनी चाहिए। साथ ही संयुक्त रूप से विभिन्न वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना चाहिए और चीन व भारत तथा विभिन्न विकासशील देशों के सामान्य हितों की रक्षा करनी चाहिए।” बीजिंग इस साल ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के पांच सदस्यीय समूह ‘ब्रिक्स’ के सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। बुधवार को शी और मोदी ने ब्रिक्स देशों के अन्य प्रमुखों के साथ ब्रिक्स व्यापार मंच को संबोधित किया था। वांग ने मार्च में भारत का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाला के साथ मुलाकात की थी। 

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