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चीन के दाओचेंग से 78 किलोमीटर उत्तर में आया भूकंप, जानें कितनी रही तीव्रता

 Written By: Rituraj Tripathi
 Published : Sep 28, 2026 06:56 am IST,  Updated : Sep 28, 2026 07:59 am IST

चीन के दाओचेंग से 78 किलोमीटर उत्तर में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। USGS ने ये जानकारी दी है। खबर लिखे जाने तक इस भूकंप के किसी जान-माल के नुकसान की बात सामने नहीं आई है।

Earthquake- India TV Hindi
भूकंप Image Source : INDIA TV

Highlights

  • चीन के दाओचेंग से 78 किलोमीटर उत्तर में भूकंप
  • रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5
  • हाल ही में चीन के सिचुआन प्रांत में भी आया था भूकंप

दाओचेंग: चीन के दाओचेंग से 78 किलोमीटर उत्तर में भूकंप आया है। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई है। PTI ने USGS के हवाले से ये जानकारी दी है। हालांकि अभी तक इस भूकंप की वजह से कोई नुकसान की बात सामने नहीं आई है। बता दें कि आमतौर पर 4.5 की तीव्रता का भूकंप विनाशकारी नहीं होता है और महसूस भी कम होता है लेकिन कई बार इतनी तीव्रता के झटके महसूस किए जा सकते हैं।

एक महीने पहले चीन के सिचुआन प्रांत में आया था तीव्र भूकंप

28 अगस्त को ये जानकारी सामने आई थी कि चीन के सिचुआन प्रांत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई थी। ये झटके इस तरह महसूस हुए थे कि लोग भूकंप के दौरान घरों से बाहर निकल आए थे। भूकंप का केंद्र लॉन्गचांग शहर में था, जो सिचुआन प्रांत में स्थित है।

सिचुआन प्रांत में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं, इसलिए लोग यहां भूकंप को लेकर अलर्ट मोड में रहते हैं और धरती कांपते हुए महसूस होते ही घरों और ऑफिसों से बाहर निकल आते हैं।

हालांकि 5 की तीव्रता का भूकंप बहुत विनाशकारी नहीं होता लेकिन इससे बिल्डिंग में झटके महसूस हो सकते हैं और दरार भी आ सकती है। इस भूकंप में किसी नुकसान की बात सामने नहीं आई थी।

हाल ही में तुर्की में भी आया था भूकंप

इससे पहले तुर्की में 5.1 की तीव्रता से धरती कांपी थी और भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। ये भूकंप दक्षिण-पूर्वी तुर्की में आया था। EMSC के मुताबिक, भूकंप के केंद्र 10 किलोमीटर की गहराई में था।

क्यों आता है भूकंप?

भूकंप आने के पीछे प्राकृतिक कारण तो होते ही हैं लेकिन कई बार मानवजनित कारण भी गहराई में देखे जाते हैं। दरअसल भूकंप की मुख्य वजह तो धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचल है लेकिन कई बार मानवों द्वारा प्रकृति का इतना शोषण किया जाता है कि नतीजे भूकंप की शक्ल में सामने आते हैं।

भूकंप के मुख्य मानवीय कारणों में बड़े बांधों और जलाशयों का निर्माण, खनन गतिविधियां, तेल, गैस और अपशिष्ट जल का इंजेक्शन/निष्कर्षण, परमाणु परीक्षण या बड़े विस्फोट, सुरंग खोदना, बड़े निर्माण (भारी भवन), भूजल का अत्यधिक दोहन, और खदानों में पानी भरना शामिल हैं।

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