1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1400 के पार, 6 हजार से अधिक अब भी लापता, जानिए चीन में कितने की गई जान?

नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 1400 के पार, 6 हजार से अधिक अब भी लापता, जानिए चीन में कितने की गई जान?

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 16, 2026 10:25 pm IST,  Updated : Sep 16, 2026 10:38 pm IST

नेपाल में अब भी राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। मलबों से शव बरामद हो रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। उनके परिजन अब भी अपनों की तलाश कर रहे हैं।

चलाया जा रहा राहत एवं बचाव कार्य- India TV Hindi
चलाया जा रहा राहत एवं बचाव कार्य Image Source : PTI

नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को 1400 के पार हो गई। बाढ़ प्रभावित जिलों में और शव मिलने के साथ बचाव दल 6 हजार से अधिक लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। नेपाल पुलिस की ओर से जारी एक बुलेटिन के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़कर 1,404 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 13,700 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है, जबकि करीब 6,150 लोग अब भी लापता हैं। चीन की तरफ आई बाढ़ से 43 लोगों की मौत हुई है।

26 अगस्त को हिमस्खलन के चलते अचानक से आई बाढ़

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को हिमस्खलन के कारण आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में बाढ़ आई, जिससे मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा के अब 21 दिन हो गए हैं।

चीन की तरफ आई बाढ़ में 43 की मौत

चीनी मीडिया के अनुसार, चीन की तरफ भी बाढ़ में 43 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में अकेले चितवन जिले में 364 शव बरामद किए गए हैं, जो सभी जिलों में सबसे अधिक हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 232 और नवलपरासी पश्चिम में 222 शव मिले हैं। बाकी शव नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनाहुन जिलों से बरामद हुए हैं। 

केवल 104 शवों की हुई पहचान

अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान करना बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अब तक बरामद कुल शवों में से केवल 104 की पहचान होने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंपा गया है। अधिकारियों ने बताया कि नीचे की ओर बहकर आए शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त या सड़ चुके हैं अथवा केवल शरीर के कुछ हिस्से ही बरामद हुए हैं। ऐसे में चेहरे, कपड़ों या निजी सामान के आधार पर उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। 

डीएनए जांच काफी महत्वपूर्ण

फोरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में डीएनए जांच बेहद महत्वपूर्ण हो गई है, लेकिन यह समय लेने वाली प्रक्रिया है। बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों की कई पनबिजली परियोजनाओं में खोजी दल तैनात किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिकों का अब तक पता नहीं चल सका है। इन अभियानों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और विदेशी तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। 

भारत में नेपाल के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि भारतीय और नेपाली बचाव दलों ने कई दिनों तक गाद और कीचड़ हटाने के बाद चिलिमे पनबिजली परियोजना के बिजलीघर तक पहुंचकर सुरंग से 5 लोगों के शव बरामद किए। 

ये भी पढ़ें: 

नेपाल में आई बाढ़ के बाद सबकुछ ठीक करने में कितना रुपया लगेगा? सरकार ने बताया अनुमान

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश