Monday, June 17, 2024
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"ज़ेनोफोबिक" नहीं CAA वाला देश है भारत, जो मुसीबत में फंसे लोगों के लिए दरवाजे खोलता है", बाइडेन को जयशंकर ने दिया जवाब

भारत के खिलाफ अमेरिकी राष्ट्रपति के दुष्प्रचार का विदेश मंत्री एस जयशंकर ने करारा जवाब दिया है। इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते विदेश मंत्री ने बाइडेन की जेनोफोबिक वाली टिप्पणी पर कहा कि भारत न तो जेनोफोबिक है और न ही उसकी अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है। जयशंकर ने कहा कि भारत सीएए वाला देश है, जो मदद के दरवाजे खोलता है।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Updated on: May 04, 2024 18:40 IST
विदेश मंत्री एस जयशंकर (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (दाएं)- India TV Hindi
Image Source : AP विदेश मंत्री एस जयशंकर (बाएं) और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (दाएं)

नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत को "ज़ेनोफोबिक" और लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था वाला देश बताया था। बाइडेन को जवाब देते विदेश मंत्री ने कहा कि पहली बात तो भारत की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा नहीं रही है, क्योंकि हम दुनिया की 5वीं अर्थव्यवस्था हैं और जल्द तीसरी बनने वाले हैं.. और दूसरी बात हमारा देश "ज़ेनोफोबिक" भी नहीं है। जयशंकर ने कहा कि भारत सीएए वाला देश है, जो मुसीबत में फंसे लोगों के लिए अपने दरवाजे खोलता है। इकोनॉमिक टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत हमेशा विविध समाजों के लोगों के लिए खुला स्वागत करने वाला रहा है।

बता दें कि एस जयशंकर ने बाइडेन की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने भारत और जापान समेत कई अन्य देशों को "ज़ेनोफोबिक" कहा था, यानि जो अप्रवासियों को पसंद नहीं करते हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी टिप्पणी में यह भी आरोप लगाया था कि भारत की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही है और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है, जबकि अमेरिकी अर्थव्यवस्था बढ़ रही है। 2 मई को, राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा था, "आप जानते हैं, हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ने का एक कारण आप और कई अन्य लोग हैं। क्यों? क्योंकि हम अप्रवासियों का स्वागत करते हैं। मगर चीन आर्थिक रूप से इतनी बुरी तरह रुका हुआ है? जापान को परेशानी क्यों हो रही है? भारत को क्यों परेशानी हो रही है? क्योंकि वे अप्रवासियों को नहीं चाहते। बाइडेन ने वाशिंगटन में चुनाव के लिए धन जुटाने के एक कार्यक्रम में पुनः अपने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार करते हुए यह बात कही थी।

जयशंकर ने कहा पश्चिमी मीडिया भी पक्षपातपूर्ण

जयशंकर ने पश्चिमी मीडिया के एक वर्ग द्वारा गढ़ी गई कहानी के बारे में भी बात की और अमेरिकी विश्वविद्यालयों में चल रहे विरोध प्रदर्शन के उदाहरण के साथ इसका समर्थन किया। उन्होंने पक्षपातपूर्ण कवरेज के लिए पश्चिमी मीडिया के एक वर्ग की आलोचना की। जयशंकर ने सुझाव दिया कि यह "बहुत वैचारिक" है और बिल्कुल भी "उद्देश्यपूर्ण" रिपोर्टिंग नहीं है। उन्होंने कहा कि मीडिया का यह वर्ग वैश्विक कथा को आकार देना चाहता है और भारत को भी निशाना बना रहा है। 

ह्वाइट हाउस को देनी पड़ी सफाई

राष्ट्रपति बाइडेन की भारत, जापान और अन्य देशों को "ज़ेनोफोबिक" बताने वाली टिप्पणी के कूटनीतिक नतीजों को रोकने के लिए, व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति के इरादों पर एक स्पष्टीकरण जारी किया, जिसमें सहयोगियों और भागीदारों के लिए उनके "सम्मान" पर जोर दिया गया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति की टिप्पणियां एक व्यापक संदेश का हिस्सा थीं जो अमेरिका की आप्रवासी विरासत से प्राप्त ताकत पर जोर देती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बाइडेन का ध्यान भारत और जापान जैसे देशों के साथ राजनयिक संबंधों को मजबूत करने पर है, जो पिछले तीन वर्षों में उनके कार्यों से स्पष्ट है। 

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