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भारत ने श्रीलंका को भेजी राहत सामग्री की दूसरी खेप, मदद को NDRF के जवान भी पहुंचे; बारिश और भूस्खलन से अब तक 123 मौतें

 Published : Nov 29, 2025 02:13 pm IST,  Updated : Nov 29, 2025 02:41 pm IST

भारत ने पड़ोसी प्रथम नीति के तहत बाढ़ पीड़ित श्रीलंका को राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप भेजी है। शुक्रवार के बाद शनिवार को यह खेफ कोलंबो पहुंच गई। इसके साथ सरकार ने एडनीआरएफ के 80 जवानों को भी श्रीलंका की मदद करने को गया है।

श्रीलंका को भारत ने पहुंचाई राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप।- India TV Hindi
श्रीलंका को भारत ने पहुंचाई राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप। Image Source : X@DRSJAISHANKAR

कोलंबो: भारत ने चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ से भयावह तबाही के शिकार हुए श्रीलंका को राहत सामग्री की दूसरी बड़ी खेप कोलंबो भेजी है। भारत ने श्रीलंका के लिए बड़े पैमाने पर राहत अभियान शुरू कर दिया है। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत भारतीय वायुसेना ने शनिवार सुबह तक 21 टन राहत सामग्री भेजी है। इसके साथ ही मदद करने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 80 से अधिक जवानों को भी भेजा है, जो 8 टन से अधिक के विशेष उपकरणों के साथ कोलंबो पहुंचे हैं। 

हिंडन एयरबेस से कोलंबो भेजा गया विमान

भारतीय वायुसेना ने बताया कि हिंडन एयरबेस से तत्काल प्रभाव से एक सी-130 जे और एक आईएल-76 परिवहन विमान रवाना किया गया। ये विमान शुक्रवार मध्यरात्रि से शनिवार सुबह के बीच कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरे। सामग्री में खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, दवाइयां, पानी शुद्ध करने की गोलियां, टेंट और अन्य जरूरी वस्तुएं शामिल हैं। भारतीय उच्चायोग और श्रीलंका वायुसेना के अधिकारियों ने विमानों की अगवानी की। इससे पहले शुक्रवार को भारतीय नौसेना ने भी राहत कार्य में हाथ बटाया। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि से अतिरिक्त राहत सामग्री श्रीलंका भेजी गई। 

भारत के लिए पड़ोसी प्रथम

भारतीय वायुसेना ने सोशल मीडिया पर लिखा, “पड़ोसी प्रथम नीति के तहत भारत अपने मित्र श्रीलंका की इस आपदा में हरसंभव सहायता कर रहा है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने शनिवार सुबह 9 बजे तक 123 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 130 से अधिक लोग अभी लापता हैं। करीब 69000 परिवारों के दो लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मध्य प्रांत के कैंडी और बैडुल्ला जिलों में हुआ है, जहां भूस्खलन से दर्जनों गांव मिट्टी में दब गए। 

कैंडी में सबसे ज्यादा तबाही

श्रीलंका के कैंडी में अनौपचारिक रूप से 50 से अधिक शव बरामद होने की खबर है। यहां चक्रवात ‘डिटवा’ की वजह से द्वीप के कई हिस्सों में 200  मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। ऐसे में यहां के सभी प्रमुख जलाशय और नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शनिवार देर रात तक भारी बारिश जारी रह सकती है, हालांकि तूफान धीरे-धीरे द्वीप से बाहर जा रहा है। देश के लगभग 75 प्रतिशत क्षेत्र में बिजली गुल है, जिससे सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के करीब 70 लाख उपभोक्ता अंधेरे में हैं। लगातार बारिश के कारण बिजली बहाली का काम भी रुका हुआ है। भारत की त्वरित सहायता पर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे भाईचारे का यह जीता-जागता उदाहरण है।(भाषा)

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