तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका का एक F-18 फाइटर जेट मार गिराया है, जबकि अमेरिका ने इसे पूरी तरह झूठ करार दिया है। यह दावा अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जारी जंग के बीच आया है। ईरान ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें दिखाया गया है कि एक फाइटर जेट हवा में उड़ रहा था, तभी बीच में एक चमकदार रोशनी ने उस पर चोट की। इसके बाद जेट अनियंत्रित हो गया और नीचे की ओर गिरने लगा। वीडियो में जेट के पीछे धुआं निकलता भी दिख रहा है।
'F-18 फाइटर जेट को बनाया निशाना'
ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट करके लिखा, 'ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानी कि IRGC ने घोषणा की है कि उसने एक अमेरिकी F-18 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है।' हालांकि, इस पोस्ट में न तो हमले की जगह बताई गई, न ही जेट को कितना नुकसान हुआ और न ही पायलट की स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी गई। इंडिया टीवी ने इस वीडियो की सच्चाई की अपनी तरफ से जांच नहीं की है।
अमेरिका ने कहा, 'दावा पूरी तरह झूठा'
ईरान के इस दावे को अमेरिका की सेना ने पूरी तरह खारिज कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने X पर पोस्ट करके कहा, 'झूठ: इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया कि चाबहार के ऊपर नए उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम से US F/A-18 फाइटर जेट को मारा गया। सच: ईरान द्वारा कोई भी US फाइटर एयरक्राफ्ट नहीं गिराया गया।'
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने ऐसे दावे किए और अमेरिका ने उन्हें फर्जी बताया। पिछले हफ्ते ही ईरानी मीडिया ने 2 बार दावा किया था कि IRGC ने अमेरिकी F-15 जेट्स गिरा दिए। CENTCOM ने तब भी कहा था, 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने 8,000 से ज्यादा उड़ानें भरी हैं। ईरान द्वारा कोई भी US फाइटर एयरक्राफ्ट नहीं गिराया गया।'
ईरान ने F-35 को बनाया था निशाना?
ईरान ने एक और दावा भी किया था कि उसने अमेरिका के F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को नुकसान पहुंचाया। यह जेट मिशन के दौरान ईरानी हवाई क्षेत्र के ऊपर संदिग्ध हमले से प्रभावित होकर मध्य पूर्व के एक अमेरिकी अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करने को मजबूर हुआ। अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि पायलट विमान से सुरक्षित निकल गया। लेकिन अमेरिका ने हर बयान में यह साफ किया कि प्लेन को नुकसान दुश्मन के हमले से पहुंचा या नहीं, इसकी जांच चल रही है।