दुबई: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने सीजफायर को लेकर अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना जवाब दे दिया है। यह जवाब पाकिस्तानी मध्यस्थों को भेजा गया है। ईरान की सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस बातचीत का मुख्य फोकस स्थाई रूप से युद्ध को खत्म करने पर हो।
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युद्ध को पूरी तरह खत्म करना चाहता है ईरान
ईरान के सरकारी टीवी ने बताया कि ईरान लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना चाहता है और शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। वॉशिंगटन के ताज़ा प्रस्ताव में युद्ध खत्म करने, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने के एक समझौते की बात कही गई थी। हालांकि तेहरान फिलहाल परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर बाद में चर्चा करना चाहता है।
व्हाइट हाउस की ओर से फिलहाल कोई रिएक्शन नहीं
हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से ईरान के जवाब पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्टज का कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई से पहले डिप्लोमैटिक लेवल पर पूरा मौका देना चाहते हैं।
ट्रंप ने ईरान को दी थी धमकी
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी और कहा था कि होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोलने सहित कोई समझौता नहीं होने की सूरत में ईरान पर नये सिरे से बमबारी की जाएगी। इससे पहले अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक ईरानी तेल टैंकर पर गोलीबारी की थी।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही खत्म हो सकता है और तेल व प्राकृतिक गैस की आपूर्ति दोबारा शुरू हो सकती है। हालांकि उन्होंने कहा कि यह सबकुछ इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान एक प्रस्तावित समझौते को स्वीकार कर ले। ट्रंप ने समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। ट्रंप ने कहा, "अगर वह सहमति नहीं जताता है, तो बमबारी शुरू होगी।"