दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता ने गुरुवार को कहा कि इस्लामिक गणराज्य अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखेगा, भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन मुद्दों पर कोई समझौता करने की कोशिश कर रहे हों। मुज्तबा खामेनेई ने ईरानी सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए एक लिखित बयान में यह बात कही है। वह 28 फरवरी के हवाई हमले के बाद से ऐसा करते आ रहे हैं, जिसमें उनके 86 वर्षीय पिता, अयतुल्ला अली खामेनेई समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी।
मुज्तबा खामेनेई का बयान
मुज्तबा खामेनेई के बयान में कहा गया, "देश के अंदर और बाहर रहने वाले 9 करोड़ गर्वित और सम्मानित ईरानी, ईरान की पहचान से जुड़ी सभी आध्यात्मिक, मानवीय, वैज्ञानिक, औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं को- नैनोटेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल क्षमताओं तक- राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं, और वो इनकी रक्षा वैसे ही करेंगे जैसे वो देश के जल, थल और हवाई क्षेत्र की रक्षा करते हैं।"
तेहरान के नियंत्रण में है होर्मुज
ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा ने कहा कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों की एकमात्र जगह इसके पानी की गहराइयों में है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी तेहरान के पूर्ण नियंत्रण में है। खामेनेई ने बयान में कहा, "ईश्वर की मदद और शक्ति से, फारस खाड़ी क्षेत्र का उज्ज्वल भविष्य एक ऐसा भविष्य होगा जिसमें अमेरिका नहीं होगा, एक ऐसा भविष्य जो यहां के लोगों की प्रगति, सुख-सुविधा और समृद्धि के लिए समर्पित होगा।"
'विदेशियों के लिए यहां कोई जगह नहीं'
ईरान के सर्वोच्च नेता ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी और (ओमान) की खाड़ी के पार रहने वाले हमारे पड़ोसी और हम, एक साझा नियति से जुड़े हैं। हजारों किलोमीटर दूर से यहां आकर लालच और द्वेष के साथ काम करने वाले विदेशियों के लिए यहां कोई जगह नहीं है- 'सिवाय पानी की गहराइयों के।'
ट्रंप ने क्या कहा?
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तेहरान को अपनी हार स्वीकार करनी ही पड़ेगी। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक ईरान अपनी परमाणु जिद को त्याग नहीं देता, तब तक उसके साथ किसी भी प्रकार के समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा, "स्थिति यह है कि जब तक वो (ईरान) इस बात पर सहमत नहीं हो जाते कि वो किसी भी प्रकार के परमाणु हथियार नहीं रखेंगे, तब तक उनके साथ किसी भी समझौते की कोई संभावना नहीं है।"
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