Israel US Iran War: ईरानी बंदरगाहों की अमेरिका ने नाकाबंदी कर रखी है, ताकि ईरान का कोई भी जहाज पोर्टों से बाहर नहीं निकल सके। अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित एक ईरानी वीएलसीसी सुपरटैंकर अपने ट्रैकर के साथ खुलेआम अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते हुए बिना छिपे ईरानी तट पर पहुंच गया। जबकि अमेरिका ने होर्मुज के आसपास सभी ईरानी पोर्टों की घेराबंदी करने का दावा किया है।
इस बीच अमेरिका के विदेश मंत्री स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि ईरान अब चीन को एक बूंद भी तेल नहीं दे पाएगा। ईरानी बंदरगाहों की अमेरिका द्वारा नाकाबंदी के जाने के बावजूद भारतीय ध्वज वाला एक और एलपीजी पोत 'जग विक्रम' गुजरात के तट पहुंच गया है। इस जहाज ने 11 अप्रैल को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था और 14 अप्रैल को कांडला बंदरगाह पहुंचा। पोत में 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है।
ऐसे में रूस ने चीन की ऊर्जा सप्लाई पूरा करने का भरोसा दिलाया है।
इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी ब्लॉकेड के बावजूद ईरानी पोर्टों से कम से कम 3 जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है।
वहीं इससे पहले अमेरिका-ईरान में 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद तेहरान में बुधवार को पहला धमाका हुआ है। इस धमाके में कम से कम 3 लोग घायल हो गए हैं। अन्य ब्यौरे का इंतजार है। ईरान और अमेरिका के बाद दूसरे दौर की वार्ता 16 अप्रैल को होने की उम्मीद जताई जा रही है। शांति वार्ता कराने में पाकिस्तान के फेलियर साबित होने के बाद अब अमेरिका ने भारत की ओर उम्मीद की निगाहों से देखा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पीएम मोदी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रूप से खुलवाने और मिडिल-ईस्ट में शांति के मुद्दे पर 40 मिनट तक फोन करके बातचीत की है।