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साइड प्लैंक करने से कौन से फायदे मिलते हैं?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jul 27, 2026 11:22 pm IST,  Updated : Jul 27, 2026 11:32 pm IST
प्लैंक एक ऐसा एक्सरसाइज़ है जिसे करने से पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाता है। हालांकि, यह दिखने में आसान लगता है लेकिन लोग इसे मुश्किल से एक मिनट भी नहीं कर पाते हैं। लेकिन अगर नियमित रूप से प्रैक्टिस करें तो इसे करना बेहद मज़ेदार होता है। साइड प्लैंक, प्लैंक वर्कआउट का ही एक पार्ट है जो फायदों की लिस्ट को और भी बढ़ाता है। चलिए जानते हैं इसके फायदे और इसे करने का सही तरीका
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प्लैंक एक ऐसा एक्सरसाइज़ है जिसे करने से पूरे शरीर का वर्कआउट हो जाता है। हालांकि, यह दिखने में आसान लगता है लेकिन लोग इसे मुश्किल से एक मिनट भी नहीं कर पाते हैं। लेकिन अगर नियमित रूप से प्रैक्टिस करें तो इसे करना बेहद मज़ेदार होता है। साइड प्लैंक, प्लैंक वर्कआउट का ही एक पार्ट है जो फायदों की लिस्ट को और भी बढ़ाता है। चलिए जानते हैं इसके फायदे और इसे करने का सही तरीका
कोर मसल्स होती हैं मजबूत: साइड प्लैंक पेट के नीचे वाले हिस्से, साइड वाले हिस्से और एब्स को मजबूत बनाने का काम करता है। इसे करने से कोर मसल्स और शरीर का लोअर पार्ट मजबूत होता है। मजबूत कोर रीढ़ को भी मजबूत करती है जिससे कमर दर्द का जोखिम कम होता है।
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कोर मसल्स होती हैं मजबूत: साइड प्लैंक पेट के नीचे वाले हिस्से, साइड वाले हिस्से और एब्स को मजबूत बनाने का काम करता है। इसे करने से कोर मसल्स और शरीर का लोअर पार्ट मजबूत होता है। मजबूत कोर रीढ़ को भी मजबूत करती है जिससे कमर दर्द का जोखिम कम होता है।
बैलेंस में होता है सुधार: यह एक्सरसाइज शरीर का संतुलन बेहतर करने में मदद करती है। इस वजह से चलने, दौड़ने या किसी फिजिकल एक्टिविटी के दौरान शरीर पर बेहतर बैलेंस बना रहता है। मजबूत कोर और बेहतर संतुलन की वजह से चोट लगने का खतरा भी कम हो सकता है।
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बैलेंस में होता है सुधार: यह एक्सरसाइज शरीर का संतुलन बेहतर करने में मदद करती है। इस वजह से चलने, दौड़ने या किसी फिजिकल एक्टिविटी के दौरान शरीर पर बेहतर बैलेंस बना रहता है। मजबूत कोर और बेहतर संतुलन की वजह से चोट लगने का खतरा भी कम हो सकता है।
बेली फैट होता है कम: इस एक्सरसाइज़ की खास बात यह है कि पेट के निचले हिस्से पर प्रेशर पड़ने की वजह से बेली फैट कम करने में भी बेहद कारगर है। हालांकि, यह अकेले वजन कम नहीं करती, लेकिन यह मांसपेशियों को मजबूत बनाती है जिससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है।
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बेली फैट होता है कम: इस एक्सरसाइज़ की खास बात यह है कि पेट के निचले हिस्से पर प्रेशर पड़ने की वजह से बेली फैट कम करने में भी बेहद कारगर है। हालांकि, यह अकेले वजन कम नहीं करती, लेकिन यह मांसपेशियों को मजबूत बनाती है जिससे कैलोरी बर्न करने में मदद मिलती है।
साइड प्लैंक करने के लिए एक तरफ करवट लेकर लेट जाएं फिर कोहनी को कंधे के ठीक नीचे रखें। शरीर को सीधी रेखा में ऊपर उठाएं। शुरुआत में 15–20 सेकंड तक होल्ड करें। धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 30–60 सेकंड तक करें। दोनों तरफ 2–3 सेट करें। लेकिन अगर आपको हाथ में कहीं चोट लगी है, तो साइड प्लैंक करने से बचें
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साइड प्लैंक करने के लिए एक तरफ करवट लेकर लेट जाएं फिर कोहनी को कंधे के ठीक नीचे रखें। शरीर को सीधी रेखा में ऊपर उठाएं। शुरुआत में 15–20 सेकंड तक होल्ड करें। धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 30–60 सेकंड तक करें। दोनों तरफ 2–3 सेट करें। लेकिन अगर आपको हाथ में कहीं चोट लगी है, तो साइड प्लैंक करने से बचें
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