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नेपाल में देर रात सेना ले सकती है अहम फैसले, बड़े नेताओं को किया जा सकता है नजरबंद: सूत्र

 Reported By: Nitish Chandra Edited By: Amit Mishra
 Published : Sep 11, 2025 11:23 pm IST,  Updated : Sep 11, 2025 11:50 pm IST

नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान भारी हिंसा हुई थी। नेपाल में हुए इस आंदोलन के बाद सियासी संकट बढ़ गया है। अभी तक अंतरिम सरकार के मुखिया के नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच सूत्रों के हवाले से बड़ी बातें सामने आई हैं।

Nepal Gen-Z Protest- India TV Hindi
Nepal Gen-Z Protest Image Source : AP

Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद हालात हर पल बदलते हुए नजर आ रहे हैं। सियासी संकट में घिरे इस देश में अंतरिम सरकार को मुखिया कौन होगा इसे लेकर सस्पेंस बना हुआ है। इस बीच नेपाल के कुछ मीडिया सूत्रों के अनुसार बड़ी बात कही जा रही है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक राजनीतिक अस्थिरता के बीच बड़े नेताओं को देर रात नजरबंद करने की तैयारी है।

कई गुटों में बंटे Gen-Z आंदोलनकारी

सूत्रों के हवाले से इस तरह की जानकारी भी मिली है कि सभी नेपाल बॉर्डर से बड़े पैमाने पर सुरक्षा एजेंसियां को काठमांडू कूच करने का आदेश दिया गया है। इस बीच Gen-Z आंदोलनकारियों के भी कई गुट बन हैं जिनमें से कोई भी सत्ता संभालने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में इस बात की भी संभावना है सेना की ओर से देर रात कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है। 

सेना कर रही है गश्त

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शांति की अपील करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य संवैधानिक ढांचे के भीतर राजनीतिक संकट का समाधान ढूंढना है। अंतरिम सरकार के लिए राजनीतिक बातचीत जारी रहने के बीच काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। सेना संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार से शुरू हुए 2 दिनों के हिंसक प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है। 

एक्शन मोड में है सेना

नेपाल सेना ने काठमांडू से लगभग 60 किलोमीटर पूर्व में बनेपा नगर पालिका के नयाबस्ती इलाके से बरामद 8 देशी बम को नष्ट कर दिया है। सुरक्षा बलों ने देश भर की विभिन्न जेलों से भागे 166 कैदियों को काबू कर लिया है। साथ ही, देश के विभिन्न हिस्सों से 97 अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। ये हथियार प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाकर्मियों से कुछ लोगों ने लूटे थे।

'राजनीति करने की कोशिश ना करें'

Gen-Z समूह के कुछ नेताओं ने काठमांडू में एक प्रेस वार्ता आयोजित की है, जहां उन्होंने कहा कि संसद को भंग कर देना चाहिए और जनता की इच्छा के अनुरूप संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने बातचीत और सहयोग के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों को चेताया कि वो अपने निहित स्वार्थों के लिए उनका इस्तेमाल ना करें। यह पूरी तरह से नागरिक आंदोलन है, इसलिए इसमें राजनीति करने की कोशिश ना करें।

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