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Pakistan: इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को मिली राहत, कोर्ट ने सिफर केस में किया बरी

 Published : Jun 03, 2024 06:21 pm IST,  Updated : Jun 03, 2024 06:21 pm IST

पाकिस्तान की इस्लामाबाद हाईकोर्ट से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को बड़ी रात मिली है। कोर्ट ने दोनों को सिफर मामले में बरी कर दिया है।

Imran khan - India TV Hindi
Imran khan Image Source : FILE AP

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को फिर बड़ी राहत मिली है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने सिफर मामले में खान और पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को बरी कर दिया है। वहीं इससे पहले सोमवार सुबह इस्लामाबाद की जिला और सत्र अदालत ने 'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में खान और कुरैशी सहित अन्य नेताओं को बरी किया था।  पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 71 वर्षीय संस्थापक इमरान खान मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद से पिछले साल अगस्त से जेल में हैं। 

क्या है सिफर केस?  

इमरान और शाह महमूद कुरैशी के खिलाफ Cipher का यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। इमरान खान पर बेहद गुप्त जानकारी का निजी इस्तेमाल करने का आरोप है। सत्ता से बेदखल होने के बाद इमरान ने आरोप लगाया था कि उन्हें बेदखल करने के पीछे अमेरिका का हाथ है। इसके लिए इमरान ने कहा कि वाशिंगटन स्थित पाक एंबेंसी ने उन्हें एक केबल (टेप या गुप्त जानकारी) भेजा था। इमरान खान ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए एक विवादित राजनयिक बातचीत को सार्वजनिक कर दिया था। इसे ‘Cipher’ कहा गया।

अदालत से मिली राहत 

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की खबर के मुताबिक, इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने खान, पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, पूर्व संचार मंत्री मुराद सईद और पीटीआई के अन्य नेताओं को ‘हकीकी आजादी’ मार्च के दौरान तोड़फोड़ करने के दो मामलों में बरी कर दिया। मई 2022 में खान ने शहबाज शरीफ की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को गिराने के लिए लाहौर से इस्लामाबाद की तरफ एक मार्च शुरू किया था। खान के अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद शरीफ के नेतृत्व में यह सरकार बनी थी। 

 150 लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए थे मामले 

यह रैली पीटीआई के "हकीकी आजादी’ (वास्तविक स्वतंत्रता) हासिल करने और राष्ट्र को "अमेरिका समर्थित" गठबंधन सरकार की "गुलामी" से मुक्त कराने के संघर्ष का हिस्सा थी। उस समय इस्लामाबाद पुलिस ने राजधानी में आगजनी और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर खान, कुरैशी और पार्टी के अन्य नेताओं सहित 150 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इस महीने की शुरुआत में, इस्लामाबाद के एक न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खान को 2022 में उनकी पार्टी के दो ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान तोड़फोड़ के दो मामलों में बरी कर दिया था। (भाषा) 

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