भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते ऐतिहासिक स्तर पर तनाव भरे चल रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर समेत कई अन्य कार्रवाई की गई। इसमें सबसे अहम कदम सिंधु नदी जल समझौते को सस्पेंड करना था। भारतीय सेनाएं पहले पाकिस्तानी सेना को घुटने पर लाई और अब पाकिस्तान का नेतृत्व भी भारत से बार-बार राहत और बातचीत की अपील कर रहा है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने एक बयान देकर सभी को चौंका दिया है। बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा है कि पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को प्रत्यर्पित करने के लिए तैयार है। आइए जानते हैं कि बिलावल भुट्टो के इस बयान के मायने क्या हैं और उन्होंने अचानक से अपने सुर क्यों बदल लिए हैं...
बिलावल भुट्टो ने क्या कहा?
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो से एक इंटरव्यू में पूछा गया था कि क्या लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को संभावित समझौते और सद्भावनापूर्ण रुख के तहत भारत को प्रत्यर्पित किया जाएगा? इस पर बिलावल ने कहा- "पाकिस्तान के साथ एक व्यापक वार्ता के हिस्से के रूप में, जहां आतंकवाद उन मुद्दों में से एक है जिन पर हम चर्चा करते हैं, मुझे यकीन है कि पाकिस्तान इनमें से किसी भी चीज का विरोध नहीं करेगा। अगर भारत इस प्रक्रिया में सहयोग करने को तैयार है, तो मुझे यकीन है कि किसी भी जांच के दायरे में आए व्यक्ति को प्रत्यर्पित करने में कोई बाधा नहीं आएगी।"

क्यों बदल गए बिलावल के सुर?
बिलावल भुट्टो अब से कुछ ही दिन पहले तक भारत को जंग की धमकी दे रहे थे। वह कह रहे थे कि सिंधु नदी का पानी रोका गया तो खून बहेगा। ऐसे में उनके अचानक से सुर बदलने के पीछे ये 5 प्रमुख कारण हो सकते हैं-:
ऑपरेशन सिंदूर का दबाव: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को ये संदेश दे दिया है कि भारत पाकिस्तान में कहीं भी हमले कर सकता है। सैन्य झड़प के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारत पर किए गए सभी हमले बेकार हो गए थे लेकिन भारत ने पाकिस्तान में जमकर तबाही मचाई थी। इसके अलावा भारत ने ये भी कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में पाकिस्तान पर काफी दवाब बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और FATF: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ा दवाब है। एक बार फिर से आतंक के पनाहगार के रूप में पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो गया है। वहीं, पाकिस्तान को ये भी डर है कि उसे FATF की ग्रे या ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जा सकता है जिस कारण उसकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो जाएगी।
भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिश: भारत ने पाकिस्तान के साथ बीते लंबे समय से व्यापार बंद कर रखा है। इस कारण पाकिस्तान में महंगाई आसमान पर है और अर्थव्यवस्था बेहाल है। ऐसे में पाकिस्तान चाहता है कि भारत के साथ संबंध सुधारे जाएं जिससे अर्थव्यवस्था और व्यापार को फायदा हो।
जल संकट का डर: भारत सरकार द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित करने के बाद पाकिस्तान को जल संकट का डर सता रहा है। सिंधु नदी समझौते के तहत मिलने वाले पानी पर ही पाकिस्तान की पूरी कृषि टिकी हुई है। अगर पानी बंद हुआ तो पाकिस्तान बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा। ऐसे में पाकिस्तान, भारत के साथ बातचीत के तरीके तलाश रहा है।
आंतरिक राजनीतिक रणनीति: बिलावल भुट्टो की मां बेनजीर भुट्टो भी पाकिस्तान की प्रधानमंत्री थीं। हालांकि, बिलावल को अब तक पाकिस्तान की राजनीति में उस स्तर तक पहुंच नहीं मिली। ऐसे में बिलावल भुट्टो ऐसे बयानों के माध्यम से खुद को और अपने राजनीतिक दल- पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी को वापस से मुख्य धारा में लाने की कोशिश में लगे हुए हैं।
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