पेशावर: पाकिस्तान में आतंकियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकियों ने एक सरकारी स्कूल को बम से उड़ा दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी देते हुए बताया कि जिस स्कूल को आतंकियों ने निशाना बनाया है वह दक्षिण वजीरिस्तान जिले के बरमेल तहसील में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक धमाके की वजह से स्कूल के कई कमरे और बाउंड्री वॉल के भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस हमले में किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है।
आतंकियों ने उड़ा दिया पुल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में क्षेत्र में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं जिसकी वजह से लोग डरे हुए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियां भी बुरी तरह बाधित हुई हैं। इस बीच, आतंकवादियों ने धमाका कर तीन पुलों को भी उड़ा दिया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने की वजह से वाना-आजम वारसाक राजमार्ग पर इसका प्रभाव पड़ा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। स्थानीय लोगों ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है।
स्थानीय लोगों ने सरकार से की ये मांग
बम धमाकों के बाद स्थानीय लोगों ने सरकार से तत्काल जांच शुरू करने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। इससे पहले छह जून को अज्ञात बदमाशों ने टैंक जिले के गुल इमाम थाना क्षेत्र के अकबरी गांव में भी एक सरकारी स्कूल की इमारत में विस्फोट कर दिया था। टैंक जिले में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के अलग हुआ समूह लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ है और आमतौर पर स्कूलों को निशाना बनाता है।
पहले भी हुए हैं हमले
इसी साल (2025) जुलाई के महीने में भी पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में लड़कियों के लिए निर्माणाधीन एक सरकारी स्कूल को आतंकवादियों ने बम विस्फोट कर उड़ा दिया था। आतंकवादियों ने बन्नू जिले के बाका खेल पुलिस क्षेत्र में अजान जावेद प्राथमिक स्कूल के अंदर विस्फोटक रखा था। भीषण धमाके की वजह से इमारत को काफी नुकसान पहुंचा था।
1000 से ज्यादा स्कूलों को बनाया गया निशाना
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, ऑस्ट्रेलियाई ‘थिंक टैंक’ लोवी इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2007 से 2017 के बीच कबायली इलाकों में 1,100 से ज्यादा लड़कियों के स्कूलों को निशाना बनाया गया है। आतंकियों ने टीचर्स और छात्राओं को भी टरगेट किया है। वर्ष 2014 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की ओर से शुरू किए सैन्य अभियान से पहले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने स्वात जिले में अपने गढ़ से उत्तर-पश्चिमी प्रांत के कबायली इलाकों और अन्य जिलों में लड़कियों के स्कूलों पर सैकड़ों हमले किए थे। इस कार्रवाई के बाद टीटीपी के आतंकवादी अफगानिस्तान भाग गए थे और अपने नए ठिकानों से हमलों की योजना को अंजाम दे रहे हैं। (भाषा)
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