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गाजा हमले में मारे गए अल जज़ीरा के 5 पत्रकार, इजरायल बोला- अनस अल-शरीफ था हमास का आतंकी

 Published : Aug 11, 2025 08:42 am IST,  Updated : Aug 11, 2025 08:58 am IST

गाजा पट्टी पर इजरायली सेना हमले कर रही है। इसी हमले में अल जज़ीरा न्यूज चैनल के पांच पत्रकार मारे गए हैं। इजरायली हमले में मारे गए पत्रकारों के नाम भी सामने आए हैं।

गाजा हमले में मारा गया अल जज़ीरा का पत्रकार- India TV Hindi
गाजा हमले में मारा गया अल जज़ीरा का पत्रकार Image Source : AP AND ISRAEL DEFENSE FORCES

इजरायल लगातार गाजा पट्टी पर हमले कर रहा है। इजरायली हमले में अल जज़ीरा न्यूज चैनल के 5 पत्रकार भी मार दिए गए। इसकी पुष्टि खुद अल जज़ीरा ने की है। गाजा शहर के अल-शिफा अस्पताल के पास इजरायली हमले में अल जज़ीरा के ये 5 पत्रकार मारे गए हैं।

अस्पतला के बाहर तंबू में रह रहे थे ये पत्रकार

प्रसारणकर्ता के अनुसार, मारे गए पत्रकारों में अल जज़ीरा के संवाददाता अनस अल-शरीफ और मोहम्मद क़रीक़ेह, साथ ही कैमरामैन इब्राहिम ज़हीर, मोअमेन अलीवा और मोहम्मद नौफ़ल भी शामिल हैं। अल जज़ीरा ने बताया कि वे उन लोगों में शामिल थे, जो अल-शिफा अस्पताल के मुख्य द्वार के बाहर प्रेस के लिए लगे एक तंबू में रह रहे थे। इजरायली सेना ने इसी तंबू को निशाना बनाकर हमला किया और 5 पत्रकार मार दिए गए।

पत्रकार होने का कर रहा था नाटक-  इजरायल

हमले के तुरंत बाद, इजरायली सेना ने एक बयान में अनस अल-शरीफ को निशाना बनाने की बात स्वीकार की। साथ ही इजरायली सेना ने दावा किया कि अल-शरीफ ने पत्रकार होने का नाटक किया था। वह हमास के साथ था। इजरायल ने अल जज़ीरा के पत्रकार को आतंकवादी करार देते हुए कहा कि उसने हमास में एक आतंकवादी सेल के प्रमुख के रूप में काम किया था।

अल-शरीफ ने इजरायली नागरिकों पर रॉकेट से किए हमले

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा, 'हमास आतंकवादी अनस अल-शरीफ, जो खुद को अल जज़ीरा पत्रकार बताता था। वह हमास के एक आतंकवादी समूह का प्रमुख था और उसने इजरायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों पर रॉकेट हमले किए थे।'

प्रेस का बिल्ला आतंकवाद के लिए नहीं बन सकता ढाल- IDF

इसके साथ ही आईडीएफ ने कहा, 'गाजा से मिली खुफिया जानकारी और दस्तावेज, जिनमें रोस्टर, आतंकवादी प्रशिक्षण सूचियां और वेतन रिकॉर्ड शामिल हैं। ये सब साबित करते हैं कि वह अल जज़ीरा से जुड़ा एक हमास कार्यकर्ता था। प्रेस का बिल्ला आतंकवाद के लिए ढाल नहीं बन सकता है।'

(एपी के इनपुट के साथ)

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