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जंग के 22 महीने बाद रूस के 22 लाख सैनिक करेंगे यूक्रेन का काम खल्लास, राष्ट्रपति पुतिन ने दे दिया ये आदेश

 Edited By: Dharmendra Kumar Mishra
 Published : Dec 02, 2023 11:03 am IST,  Updated : Dec 02, 2023 11:07 am IST

रूस-यूक्रेन के बीच जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में पुतिन का पारा चढ़ गया है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन जंग के लंबा खिंचने के लिए नाटो और पश्चिमी देशों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। जंग के 22 महीने बाद अब रूस के 22 लाख सैनिक यूक्रेन को नाको-चने चबवाने को की राह पर चलने वाले हैं।

रूसी सैनिकों के साथ राष्ट्र्पति पुतिन। - India TV Hindi
रूसी सैनिकों के साथ राष्ट्र्पति पुतिन। Image Source : AP

रूस-यूक्रेन युद्ध के करीब 22 महीने हो चुके हैं। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति पुतिन अब युद्ध को और अधिक लंबा नहीं खींचना चाहते। यूक्रेन के खात्मे की स्क्रिप्ट मास्को में लिखी जाने लगी है। जंग के 22 महीने बाद रूस के 22 लाख सैनिक यूक्रेन का काम खल्लास करने को बेताब हैं। लंबे समय से जारी संघर्ष के मध्य रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने देश की सेना को कम से कम 170,000 अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करने के शुक्रवार को आदेश दिए। 
 
पुतिन का यह आदेश शुक्रवार को जारी हुआ और इसे तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया दिया गया जिससे रूसी सैन्यकर्मियों की बढ़कर संख्या 2,200,000 हो गई। इसमें 1,320,000 सैनिक भी शामिल हैं। अगस्त 2022 में पुतिन ने 137,000 सैनिकों को शामिल करने के आदेश दिए थे जिसके बाद सैन्यकर्मियों की संख्या लगभग 20 लाख और सैनिकों की संख्या लगभग 1,150,000 हो गई थी। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सेना में शामिल होने की इच्छा रखने वालों की भर्ती की जाएगी।
 

सेना विस्तार के लिए पुतिन ने नाटो को ठहराया जिम्मेदार

मंत्रालय ने यूक्रेन में जारी संघर्ष को ‘‘विशेष सैन्य अभियान’’ करार दिया और सेना में विस्तार के पीछे उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के बढ़ने को जिम्मेदार ठहराया। बयान में कहा गया कि ‘‘ रूस की सीमा के निकट नाटो के संयुक्त सशस्त्र बल तैनात किए जा रहे हैं और अतिरिक्त हवाई रक्षा प्रणालियों के साथ ही हथियार तैनात किए जा रहे हैं। नाटो की सामरिक परमाणु बलों की क्षमता बढ़ाई जा रही है।’’ मंत्रालय ने कहा कि नाटो की आक्रामक गतिविधियों को देखते हुए रूसी सेना की क्षमता को बढ़ाना उचित कदम है। ​ (एपी) 

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