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'होर्मुज की घटनाओं का भारत पर सीधा असर', जर्मनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताई चिंता

 Published : Apr 22, 2026 07:06 am IST,  Updated : Apr 22, 2026 07:06 am IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिनों के जर्मनी दौरे पर हैं। यहां उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घटनाओं पर चिंता जताई और कहा कि इन घटनाओं का भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है।

Rajnath Singh, Defence minister- India TV Hindi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह Image Source : PIB

बर्लिन: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर मंगलवार को कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं बल्कि यह एक कड़वी सच्चाई है जिसका भारत की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा असर पड़ता है। सिंह ने जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन रक्षा एवं सुरक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

होर्मुज की घटनाओं का सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर असर

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की जर्मनी यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में 50 दिनों से अधिक समय से संघर्ष जारी है और इसके वैश्विक परिणाम सामने आ रहे हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत जैसे विकासशील देश के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान कोई दूर की घटना नहीं बल्कि यह एक गंभीर वास्तविकता है, जिसका हमारी सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।" उन्होंने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए पश्चिम एशियाई क्षेत्र पर निर्भर है। 

मंत्रियों का समूह लगातार नजर बनाए हुए

राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया के हालात पर भारत की रणनीति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने एक मंत्रियों के समूह (GoM) का गठन किया है, जो लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। इसका उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना, जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और महंगाई को नियंत्रित रखना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक संकट अब क्षेत्रीय नहीं रह गए हैं, बल्कि उनका असर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर पड़ रहा है।

नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही दुनिया

उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया नए सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है और तकनीकी परिवर्तन ने स्थिति को बेहद जटिल एवं परस्पर संबंधित बना दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते परिवेश के अनुकूल ढलने की तत्परता के साथ एक नए दृष्टिकोण की आवश्यकता है। रक्षामंत्री सिंह ने भारत और जर्मनी के रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाने की भी पुरजोर वकालत की। 

भारत-जर्मनी रणनीतिक सहयोग मजबूत

उन्होंने कहा कि जर्मनी की औद्योगिक क्षमता और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम का मेल दोनों देशों को रक्षा उत्पादन में नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। साथ ही जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज  और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।

 

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