वाशिंगटन: स्वतंत्र निवेशक सुनील सबरवाल भारतीय मुद्रा कोष (IMF) में एक प्रमुख प्रशासनिक पद पर आसीन होने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बन गए हैं। उनके नाम को सीनेट ने तीन सप्ताह पहले मंजूरी दे दी थी। लंबे इंतजार के बाद सीनेट से मंजूरी पाने वाले सबरवाल ने बुधवार को आईएमएफ के वैकल्पिक कार्यकारी निदेशक का पद संभाल लिया। आईएमएफ के कुल मतों में 16.81 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी अमेरिका की है। यह पद आईएमएफ के सबसे ताकतवर पदों में से एक है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अप्रैल 2014 में इस पद के लिए सुनील को नामित किया था। इसके बाद उन्होंने मार्च 2015 में उन्हें दोबारा नामित किया।
नई दिल्ली में भारतीय पिता ओर हंगरी मूल की मां के परिवार में जन्मे सुनील के माता-पिता उस समय अलग हो गए थे, जब इनकी उम्र नौ साल थी। इसके बाद वह बुडापेस्ट आ गए। सबरवाल वर्ष 2011-13 में यूरोपीय ई-कॉमर्स भुगतान सेवा कंपनी ओगोन के बोर्ड के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने ईजीकैश के अधिग्रहण के लिए वारबर्ग पिंकस को सलाह दी थी। इसके बाद वह 2006-2009 के लिए वहां बोर्ड सलाहाकार बन गए थे। विभिन्न बड़ी कंपनियों में काम कर चुके सुनील वर्ष 1992-96 में यूरोपीय बैंक फॉर रीकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट में प्रमुख बैंकर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी से बीएस और लंदन बिजनेस स्कूल से एमएस किया है।