क्या मौत के बाद भी फिर कोई जिंदा हो सकता है ? क्या किसी को अपनी मौत का आभास किसी को हो सकता है ? क्या पार्क में टहलते हुए गिरते हुए पानी को देखकर और उसे खून में बदलते हुए देखने की काल्पनिक बात सच हो सकती है ? यह सवाल आपको फंतासी और काल्पनिक दुनियां के लग सकते हैं लेकिन स्टेफ़नी ऑर्नॉल्ड के साथ यह सब हुआ है और उनकी ज़िंदगी की कहानी सुनकर आप हैरान हो जाएंगे,वह ज़िंदगी जिसमें उन्होंने मौत का पूर्व आभास किया, बेटी और पति को खुदा हाफ़िज़ कहा और अपनो को विदाई संदेश भी लिखने के बाद 37 सैकंड के लिये मौत के मुंह में भी चली गई। लेकिन 37 सेकंड बाद एक चमत्कार हुआ और स्टेफनी फिर से ज़िंदा हो गई। आगे पढि़ए अमेरिका स्टेफनी अर्नाल्ड की हैरान कर देनी वाली ज़िंदगी की पूरी दास्तान :
स्टेफ़नी ऑर्नॉल्ड की ज़िंदगी का ये वो लम्हा था जब उन्हें सारे जहां की खुशियां हासिल होनी वाली थी क्योंकि उनके घर एक बेटा जन्म लेने वाला था लेकिन बेटे जैकब के पैदा होते ही स्टेफ़नी ने आंखें मूंद लीं।
41 साल की स्टेफ़नी का ऑपरेशन से बच्चा होना था लेकिन amniotic fluid embolism की वजह से उन्होंने ऑपरेशन टेबल पर ही दम तोड़ दिया। amniotic fluid embolism एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें amniotic fluid ख़ून में मिल जाता जिससे पेशेंट की अक़्सर मौत हो जाती है। ये बीमारी बहुत दुर्लभ होती है।
क़ुदरत का करिश्मा : और 37 सैकंड बाद फिर से जिंदा हुई स्टेफनी
लेकिन इसे क़ुदरत का करिश्मा कहेंगे कि स्टेफ़नी का साहस कि वह 37 सैकंड के बाद जी उठीं। आज स्टेफ़नी 43 साल की हैं और उनका दावा है कि उन्हें इस बात का पूरा आभास था कि प्रसव के दौरान उनकी मौत हो जाएगी। इस बात की जानकारी उन्होंने डॉक्टर्स को भी दे दी थी।

जानती थी मौत होगी इसलिए पति और बेटी को खुदा हाफिज भी कहा था
डेली मेल के अनुसार स्टेफ़नी को अपनी मौत को लेकर इतना यक़ीन था कि उन्होंने ऑपरेशन थियेटर जाने के पहले अपनी पति जोनाथन और बेटी एडीना को ख़ुदा हाफ़िज़ तक कह दिया था।
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