
आख़िर वो घड़ी भी आ गई जब उन्हें ऑपरेशन थियेटर ले जाया जा रहा था। उन्होंने सबको गुडबाय कहा और पति से बच्चों का अच्छी तरह ख़्याल रखने को कहा।
थोड़ी देर बाद ही ऑपरेशन टेबल पर उन्हें amniotic fluid embolism हो गया। बेटा गर्भाशय से सही सलामत बाहर निकाल लिया गया लेकिन स्टेफ़नी की मौत हो गई। चूंकि स्टेफ़नी डॉक्टर्स को पहले ही अपनी स्थिति के बारे में बता चुकी थी इसलिये डॉक्टर्स ने भी हर तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रखी थी।
प्रसव के दौरान स्टेफ़नी के दिल ने धड़कना बंद कर दिया लेकिन डॉक्टर्स ने दिल को पंप करके फिर चला दिया और उन्हें ICU में शिफ़्ट कर दिया।
सात घंटे बाद डॉक्टर्स ने देखा कि खून बहना बंद नहीं हुआ है और उनके गर्भाशय का ऑपरेशन करना पड़ेगा।
37 सेंकड दिल रुका रहा,6 दिन कोमा में रही और फिर होश में आई
स्टेफ़नी को अगले छह दिन कोमा में रखा गया। तब किसी को भी नहीं मालूम था कि होश आने पर उनका दिमाग़ पूरी तरह काम कर भी रहा होगा कि नहीं क्योंकि दिल की धड़कन रुकने की वजह से दिमाग़ में ऑक्सीजन जाना थोड़ी देर के लिये बंद हो गई थी।
लेकिन जब स्टेफ़नी को होश आया तो वो पूरी तरह स्वस्थ थी।