नई दिल्ली: चार साल पहले पाकिस्तान के अबोटाबाद में अल क़ायदा के प्रमुख बिन लादेन को मार गिराने की सैनिक कार्रवाई के बारे में क्या राष्ट्रपति ओबामा ने अमेरिकी जनता से झूठ बोला...?
पुलित्ज़र पुरस्कार विजेता पत्रकार सेमौर हेर्श ने लंदन रिव्यू ऑफ़ बुक में रविवार को प्रकाशित एक लेख में दावा किया है कि ओबामा ने वाहवाही लूटने के लिए झूठ बोला था कि नेवी सील ऑपरेशन में पाकिस्तान से कोई मदद नहीं ली गई।
सेमौर ने कमांडर इन चीफ पर नेवी सील ऑपरेशन के कुछ गंटे बाद ही वाहवाही लूटने के लिए जल्दबाज़ी करने का आरोप लगाया है। इस ऑपरेशन में 9/11 का मास्टर माइंड बिन लादेन मारा गया था।
सेमौर का कहना है कि सैनिक कार्रवाई के ओबामा के भाषण से गुप्तचर हलके में अराजकता फैल गई और फ़िर उन्हें ओबामा के भाषण के अनुसार पूरी घटना गढ़नी पड़ी।
न्यूयॉर्क के पूर्व पत्रकार ने अमेरिकी और पाकिस्तानी गुप्तचर तथा नेवी सील के पूर्व सूत्रों के हवाले से कहा कि व्हाइट हाउस और सीआईए ने बिन लादेन के ख़िलाफ कार्रवाई के लगभग हर पहलू के बारे में झूठ बोला।

उनका दावा है कि आतंकवाद के ख़िलाफ़ अमेरिका के अभियान में झूठ बोलना और चेन ऑफ कमांड को नज़रअंदाज़ करना आम बात है और जो लोग इसका विरोद करते हैं उन्हें दरकिनार कर दिया जाता है।
ये हैं कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जिनका हेर्श ने अपने लेख में ज़िक्र किया है:
1. अबोटाबाद में पाकिस्तान ने बिन लादेन को चार साल तक बंधक बनाकर रखा था।
2. सीआईए को अल क़ायदा के किसी संदेशवाहक से पूछताछ के दौरान नहीं बल्कि एक पाकिस्तानी गुप्तचर अधिकारी से बिन लादेन के ठिकाने के बारे में जानकारी मिली थी। इस अधिकारी को लादेन के सिर पर रखा ढाई करोड़ डॉलर मिलने की उम्मीद थी।