वाशिंगटन: पाकिस्तान ने अमेरिका को तीन दस्तावेज (डोजियर) सौंपे हैं जिसमें उसके दावे के मुताबिक पाकिस्तान में विध्वंसक गतिविधियों में भारत की भूमिका के बारे में सबूत हैं। करीब एक महीने पहले पाकिस्तान ने ऐसा एक कथित दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र को सौंपा था जिसने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया था।
पाकिस्तान सरकार द्वारा यहां जारी एक बयान के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज ने अमेरिकी पक्ष को ये दस्तावेज सौंपे।
इस बयान से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने यहां पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की।
बयान के अनुसार, कैरी को फाटा, बलूचिस्तान और कराची में अस्थिरता पैदा करने में भारतीय एजेंसियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गयी।
पहले पाकिस्तान ने कहा था कि उसने संयुक्त राष्ट्र को ऐसा एक दस्तावेज सौंपा है। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने आरोपों पर कोई ध्यान नहीं दिया था।
भारत पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करता रहा है और भारत का कहना है कि बलूचिस्तान, कराची या फाटा में अशांति में उसकी कोई भूमिका नहीं है।
पाकिस्तान के बयान के मुताबिक शरीफ ने कैरी को भारत के साथ संबंध सामान्य करने की अपनी प्रतिबद्धता तथा अफगानिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने के प्रयासों से अवगत कराया।
इसमें दावा किया गया कि कैरी ने अशांत पश्चिमोत्तर सीमावर्ती क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान के ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब में हासिल उपलब्धियों की तारीफ की।
बयान में यह दावा भी किया गया है कि कैरी ने क्षेत्र में शांति और समृद्धि बढ़ाने की शरीफ की प्रतिबद्धता को सराहा और इस साझा मकसद में पाकिस्तान के साथ काम करने के अमेरिकी समर्थन को दोहराया।