लॉस एंजिलिस: पाकिस्तानी खुफिया सेवा के मुख्यालय पर हमले के लिए एक आत्मघाती हमलावर को रकम देने वाले एक अमेरिकी व्यक्ति को सात साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई। वकीलों ने बताया कि अमेरिकी नागरिकता प्राप्त और पोर्टलैंड, ओरिगॉन में रहने वाले रियाज कादिर खान ने इससे पहले अमेरिकी अदालत में आतंकवादियों को सहयोगी सामग्री उपलब्ध कराने की बात कबूली थी।
खान ने यह स्वीकार किया था कि उसने 27 मई 2009 को हुए हमले के लिए जिम्मेदार मालदीव के आत्मघाती हमलावरों में से एक अली जलील को करीब 2,450 डॉलर का भुगतान करने की व्यवस्था की थी। लाहौर में हुए इस हमले में 30 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे। वकीलों ने कल बताया कि खान ने यह भी माना कि यह जानते हुए कि इस तरह की सहायता मुहैया कराने से अड़चन आएगी और जलील की पत्नियों तथा हमले में मददगार अन्य लोगों की गिरफ्तारी रूक सकती है, इसके बावजूद उसने बम हमले के बाद जलील की पत्नियों को परामर्श और वित्तीय सहायता मुहैया कराई।
कार्यवाहक अमेरिकी अटॉर्नी बिली विलियम्स ने बताया, आज के फैसले में अदालत ने प्रतिवादी को इसके लिए जवाबदेह करार दिया और यह भी साफ किया कि देश में या विदेश में हिंसक चरमपंथियों की मदद से किसी भी समुदाय को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए।