वाशिंगटन: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दक्षिण एशिया के लिए एक उच्च स्तरीय दूत की नियुक्ति करनी चाहिए ताकि क्षेत्रीय आतंकी खतरे का मुकाबला करने में समन्वय बैठाने के लिए वह उस अवसर से नहीं चूकें जिससे उनके पूर्व के अमेरिकी राष्ट्रपति चूके हैं। जरदारी ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ओबामा ने पाकिस्तानी नेताओं से कभी सही ढंग से बात नहीं की।
- पाकिस्तान ने किया बैलिस्टिक मिसाइल का पहला सफल परीक्षण
- पति के नजदीक जाते ही इस महिला को होता है जान का जोखिम
उन्होंने कहा, वो करिए जो राष्ट्रपति ओबामा ने कभी नहीं किया, ओबामा ने पाकिस्तान के किसी मुखिया से कभी उचित बातचीत नहीं की। साल 2011 में व्हाइट हाउस में ओबामा से मुलाकात करने वाले जरदारी ने कहा कि ओबामा की सार्वजनिक तौर पर आलोचना करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। ओबामा प्रशासन के दौरान अमेरिका और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया और इसी दौरान विशेष अमेरिकी बलों ने पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अभियान चलाया गया जिसमें ओसामा बिन लादेन मारा गया।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष जरदारी ने कहा कि आज के समय एक ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति की जरूरत है जो यह मानते हुए रिश्ते में नयी जान फूंके कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में चरमपंथियों के खिलाफ युद्ध समान है तथा पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने वालों और सीरिया, इराक, यमन एवं लीबिया के अलकायदा से जुड़े समूहों में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रंप को रिचर्ड सी होलबु्रक जैसे किसी व्यक्ति को दूत नियुक्त करना चाहिए और वाशिंगटन को इस कदम को प्रभावित नहीं करने देना चाहिए। पूर्व राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि एनी डब्ल्यू पैटरसन इस भूमिका को बखूबी निभा सकती हैं जो पाकिस्तान एवं मिस्र की अमेरिका की राजदूत रह चुकी हैं।