वाशिंगटन: आतंकवाद के खिलाफ अपने वैश्विक युद्ध के तहत अमेरिका ने अपनी लड़ाकू फौजों को दर्जन भर से अधिक देशों में आतंकवाद से निपटने की क्षमता बढ़ाने और अभियानों को समर्थन देने के लिए तैनात किया है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कल कांग्रेस को एक रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया है कि अमेरिका ने उपकरणों से लैस अपनी लड़ाकू फौजों को अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, तुर्की, सोमालिया, यमन, जिबूती, लीबिया, नाइजर, कैमरून, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, मिस्र, जॉर्डन और कोसोवो जैसे देशों में तैनात किया है।
उपकरणों से लैस लड़ाकू फौजें आतंकवाद से निपटने की क्षमता बढ़ाने और अभियानों को समर्थन देने के लिए तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि अफगान बलों को प्रशिक्षण देने, परामर्श देने और सहायता करने के लिए करीब 10,500 अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान में हैं जो वहां अलकायदा के बच गए गुटों से निपटने और उनके खिलाफ अभियान चलाने में मदद कर रहे हैं। ये बल वहां उन ताकतों के खिलाफ समुचित कार्रवाई कर रहे हैं जो अफगानिस्तान में अमेरिका और गठबंधन बलों के लिए सीधा खतरा हैं या अलकायदा को सीधे सहयोग मुहैया कराते हैं।
ओबामा ने कहा कि अमेरिका ने वर्तमान में 3,550 बलों को इराक में तैनात किया है और सीरिया में शायद उसके करीब 50 कर्मी तैनात हैं। राष्ट्रपति ने कहा अमेरिकी शस्त्र बल इराक और सीरिया में आईएसआईएल के खिलाफ हवाई हमले तथा अन्य आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। उनके अनुसार, सीरिया में अमेरिकी बलों ने अलकायदा के खिलाफ हवाई हमले किए हैं। ये हमले खुरासन समूह कहलाने वाले अलकायदा तत्वों के खिलाफ भी किए गए हैं जो पश्चिम के खिलाफ अलकायदा की साजिश रचने में लिप्त थे ।