वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रंप ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ने के इच्छुक लगभग सभी विदेशी छात्रों का देश में प्रवेश रोकने के लिए एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ‘आइवी लीग स्कूल’ से अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दूर रखने का उनका नया प्रयास है। ‘आइवी लीग’ हार्वर्ड विश्वविद्यालय समेत अमेरिका के 8 प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालयों का समूह है।
शासकीय आदेश में घोषणा की गई है कि हार्वर्ड को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित अपने परिसर में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। ट्रंप ने आदेश में लिखा, ‘‘मैंने यह तय किया है कि विदेशी नागरिकों के वर्ग का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक है क्योंकि मेरे विचार में हार्वर्ड के आचरण ने इसे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त गंतव्य बना दिया है।’’ डोनाल्ड ट्रंप का यह कदम देश के सबसे पुराने और सबसे धनी विश्वविद्यालय के साथ व्हाइट हाउस के टकराव की दिशा में एक और कदम है।
बोस्टन की एक संघीय अदालत ने हार्वर्ड में अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर रोक लगाने से गृह सुरक्षा विभाग को पिछले सप्ताह रोक दिया था लेकिन ट्रंप का आदेश एक अलग कानूनी प्राधिकार का इस्तेमाल करता है। ट्रंप ने एक व्यापक संघीय कानून का हवाला दिया है जो राष्ट्रपति को उन विदेशियों को रोकने का अधिकार देता है जिनका प्रवेश ‘अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक’ हो सकता है। उन्होंने बुधवार को इसी प्राधिकार का हवाला देते हुए यह भी घोषणा की कि 12 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर रोक रहेगी तथा सात अन्य देशों के नागरिकों पर भी कुछ पाबंदियां होंगी।

ट्रंप के हार्वर्ड संबंधी आदेश में कई अन्य कानूनों का भी हवाला दिया गया है जिनमें आतंकवादी संगठनों से जुड़े विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून भी शामिल है। हार्वर्ड ने बुधवार रात एक बयान में कहा कि वह ‘अपने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा करना जारी रखेगा।’ विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा, ‘‘यह हार्वर्ड के प्रथम संशोधन अधिकारों का उल्लंघन करते हुए प्रशासन द्वारा उठाया गया एक और अवैध प्रतिशोधात्मक कदम है।’’ (एपी)
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