न्यूयॉर्क/वाशिंगटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बहुत अच्छे व्यक्तिगत संबंध थे, लेकिन "अब वह खत्म हो गए हैं।" उन्होंने आगाह किया कि अमेरिकी नेता के साथ घनिष्ठ संबंध विश्व नेताओं को "सबसे बुरे" दौर से नहीं बचा पाएंगे। बोल्टन की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका संबंधों में पिछले 2 दशकों के संभवतः सबसे खराब दौर की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें ट्रंप की टैरिफ (शुल्क) नीति और उनके प्रशासन द्वारा भारत की लगातार आलोचना के कारण तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप के मुखर आलोचक हैं बोल्टन
जॉन बोल्टन ने हाल में ब्रिटिश मीडिया पोर्टल ‘एलबीसी’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा "मुझे लगता है कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नेताओं के साथ अपने निजी संबंधों के चश्मे से देखते हैं। इसलिए अगर उनके (रूस के राष्ट्रपति) व्लादिमीर पुतिन के साथ अच्छे संबंध हैं, तो अमेरिका का रूस के साथ भी अच्छा संबंध होता। जाहिर है, ऐसा नहीं है।" बोल्टन ट्रंप के पहले कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं। लेकिन अब वह ट्रंप के मुखर आलोचक हैं।
बोल्टन ने और क्या कहा?
बोल्टन ने कहा, "ट्रंप के मोदी के साथ व्यक्तिगत रूप से बहुत अच्छे संबंध थे। मुझे लगता है कि अब वह रिश्ता खत्म हो गया है, और यह सभी के लिए एक सबक है। उदाहरण के लिए, (ब्रिटेन के प्रधानमंत्री) कीर स्टार्मर के लिए, कि एक अच्छा व्यक्तिगत संबंध कभी-कभी मददगार हो सकता है, लेकिन यह आपको सबसे बुरे हालात से नहीं बचाएगा।"
'व्हाइट हाउस ने संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया'
‘एलबीसी’ के साथ अपने साक्षात्कार के साथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, बोल्टन ने कहा कि व्हाइट हाउस ने "अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे मोदी रूस और चीन के करीब आ गए हैं। चीन ने खुद को अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के रूप में पेश किया है।" (भाषा)
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