वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल में आपातकालीन शक्तियों का जमकर उपयोग किया है और अभी आगे भी करते जा रहे हैं। ट्रंप ने दूसरे कार्यकाल में 6 माह के अंदर ही कई ऐसी आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर लिया है, जिनका कि आमतौर पर युद्ध या राष्ट्रीय इमरेजेंसी में करते हैं। साफ है कि ट्रंप ने जिस तरह से इन आपात शक्तियों का इस्तेमाल किया है, वैसा किसी भी अन्य पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं किया है।
ट्रंप क्यों कर रहे आपात शक्तियों का उपयोग
ट्रंप का दावा है कि वह ऐसी शक्तियों का उपयोग देश की भलाई के लिए कर रहे हैं। राष्ट्रपति का दावा है कि उनके नेतृत्व में अमेरिका संकट से उबर रहा है, लेकिन उन्होंने कड़े आयात शुल्क लगाने, सीमा पर सैनिकों की तैनाती और पर्यावरण नियमों को दरकिनार करने जैसे फैसलों में उन नियमों और कानूनों का सहारा लिया, जिन्हें सिर्फ युद्ध या राष्ट्रीय आपात जैसी असाधारण परिस्थितियों के लिए बनाया गया था। एसोसिएटेड प्रेस के विश्लेषण में सामने आया है कि ट्रंप के 150 कार्यकारी आदेशों में से 30 में किसी न किसी प्रकार की आपातकालीन शक्ति का हवाला दिया गया है। यह आंकड़ा उनके हालिया पूर्ववर्तियों की तुलना में काफी अधिक है।
अमेरिका में ट्रंप ने बदला ट्रेंड
ट्रंप के आपात शक्तियों के ताबड़तोड़ इस्तेमाल का परिणाम यह हुआ है कि राष्ट्रपति का उनकी शक्तियों का इस्तेमाल करने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। ट्रंप अप्रत्याशित संकट का सामना करने के बजाय आपातकालीन शक्तियों का उपयोग संसद के अधिकार को कमजोर करने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। इल्या सोमिन ने कहा, "ट्रंप की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने आपातकालीन शक्तियों का जो उपयोग किया, उसका पैमाना और विस्तार बहुत बड़ा है, जो किसी भी हाल के राष्ट्रपति के कार्यकाल से कहीं अधिक है।"
कौन हैं इल्या सोमिन, जिन्होंने ट्रंप को घेरा
ट्रंप के आपात अधिकारों के अंधाधुंध इस्तेमाल के खिलाफ इल्या सोमिन ने बिगुल बजा रखा है। वह उन पांच अमेरिकी व्यवसायों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जिन्होंने प्रशासन पर मुकदमा दायर किया था और दावा किया था कि ट्रंप के कथित 'लिबरेशन डे' शुल्क से उन्हें नुकसान हुआ है। ट्रंप ने सबसे ज्यादा बार 1977 के ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (आईईपीए) का हवाला देते हुए शुल्क लगाए। यह कानून विदेशी खतरों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति या अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए बनाया गया था। (एपी)