ओबरा: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। ओबरा विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है। यह औरंगाबाद जिले में आती है। 2020 में राष्ट्रीय जनता दल से ऋषि सिंह ने लोक जन शक्ति पार्टी के डॉ. प्रकाश चंद्र को 22668 वोटों के मार्जिन से हराया था। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक ओबरा भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से राजद के ऋषि सिंह जीते थे। ऋषि सिंह ने एलजेपी के डॉ. प्रकाश चंद्र को 22668 वोटों के मार्जिन से हराया था। ऋषि सिंह को कुल 63662 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे प्रकाश चंद्र को कुल 40994 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर जेडीयू के सुनिल कुमार रहे थे। उन्हें कुल 25234 वोट मिले थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में भी राजद के बीरेंद्र कुमार सिन्हा जीते थे। उन्होंने राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (BLSP) उम्मीदवार चंद्र भूषण वर्मा को 11396 वोटों के मार्जिन से हराया था। तब बीरेंद्र कुमार सिन्हा को कुल 56042 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के भूषण वर्मा को कुल 44646 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे CPI (ML) के राजा राम सिंह को 22801 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
हाल के वर्षों में राजद ने ओबरा सीट पर मजबूती से पकड़ बनाई है और पिछले पांच में से चार विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की है, जिनमें 2015 और 2020 भी शामिल हैं। देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।