बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान पीरपैंती उन विधानसभा सीटों में से एक है, जहां हर पार्टी अपना पूरा दम लगाना चाहेगी। इस सीट पर कोई भी पार्टी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह से आश्वास्त नहीं है और किसी भी पार्टी की जमीन इतनी कमजोर नहीं है कि उसे कोई उम्मीद न रहे। ऐसे में इस सीट पर विधानसभा चुनाव बेहद रोचक होने वाले हैं। इस बार यहां दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होना है।
बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार मूल रूप से मुकाबला दो गठबंधन के बीच होने वाला है। कांग्रेस और आरजेडी के इंडिया गठबंधन के सामने बीजेपी, जेडीयू और चिराग पासवान की आरएलडी वाले एनडीए गठबंधन की चुनौती है। हालांकि, इस सीट पर असली मुकाबला बीजेपी और आरजेडी के बीच ही होगा। प्रशांत किशोर ने अपनी जन सुराज यात्रा के जरिए पूरे बिहार में प्रभाव छोड़ा है। ऐसे में प्रशांत किशोर का असर भी चुनाव के नतीजे तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पीरपैंती में कब किसे मिली जीत?
पीरपैंती विधानसभा क्षेत्र 1951 में बना था। यहां हुए 17 विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा पांच बार जीत सीपीआई को मिली है। कांग्रेस पांच बार और आरजेडी ने चार बार यह सीट जीती है। बीजेपी को दो बार जीत मिली है। हालांकि, बीजेपी की दोनों जीत पिछले तीन चुनाव में आई हैं। 2008 के परिसीमन में इस सीट को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया।
पिछले चुनावों में किसे मिली जीत?
2020 में बीजेपी के ललन कुमार ने इस सीट से आरजेडी के उम्मीदवार को 27 हजार वोट से हराया था। इससे पहले 2015 में आरजेडी उम्मीदवार को पांच हजार वोट के अंतर से जीत मिली थी। 2024 में भागलपुर लोकसभा सीट से जेडीयू ने अपने उम्मीदवार को एनडीए से टिकट दिलाया था। ऐसे में पीरपैंती क्षेत्र से आरजेडी उम्मीदवार को ज्यादा वोट मिले थे। इस स्थिति में यह कहना मुश्किल है कि 2025 में किसे जीत मिलेगी। हालांकि, बीजेपी और आरजेडी के बीच कांटे की टक्कर तय है।