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'मेरे बेटे को सुधरने का एक मौका और दें', जमुई कांड के आरोपी की मां का बयान, पुलिस पर लगाए आरोप

 Published : Sep 26, 2026 11:58 am IST,  Updated : Sep 26, 2026 11:58 am IST

बिहार के जमुई में हुई लड़की और उसके दोस्त के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना में आरोपी की मां ने अपने बेटे के बचाव में बयान दिया है। आरोपी की मां ने कहा, मेरे बेटे को सुधरने का एक मौका और दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।

'मेरे बेटे को सुधरने का एक मौका और दें', जमुई कांड के आरोपी की मां का बयान, पुलिस पर लगाए आरोप- India TV Hindi
'मेरे बेटे को सुधरने का एक मौका और दें', जमुई कांड के आरोपी की मां का बयान, पुलिस पर लगाए आरोप Image Source : ANI

बिहार के जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ छेड़छाड़ के मुख्य आरोपी की मां ने पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर रचकर उनके बेटे के पैर में गोली मारी है। इसके साथ ही उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को "सुधरने का एक मौका" दिया जाए। आरोपी की मां का दावा है कि उनके बेटे को नदी के पास एक गौशाला के पास से पकड़ा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एनकाउंटर को असली दिखाने के लिए पुलिस ने बाद में उसके हाथों में हथियार या संदिग्ध सामान थमा दिया।

आरोपी की मां ने लगाएं गंभीर आरोप 

उन्होंने कहा, “मुझे शुरुआत में इस घटना की कोई जानकारी नहीं थी, मुझे बाद में पता चला। पुलिस ने सिर्फ अपनी नौकरी बचाने के लिए यह एनकाउंटर का नाटक रचा है। वह नदी के पास भैंसों के बीच था, जब पुलिस ने उसे पकड़ा। पास ही थोड़ी दूरी पर एक नदी है। मुझे सही समय तो नहीं पता, लेकिन उन्होंने यह सब दिन के उजाले में किया। पुलिस मुझे थाने ले गई थी, इसलिए मुझे नहीं पता कि उसे ठीक किस समय गिरफ्तार किया गया था।”

आरोपी की मां के अनुसार, उनका बेटा गांव के ही एक लड़के का फोन आने के बाद उससे मिलने उस जगह गया था। उन्होंने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए सरकार से उसे सुधरने का एक और मौका देने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा निर्दोष है। गांव के ही एक लड़के ने उसे फोन करके बुलाया था, इसलिए वह वहां गया। अब हम सरकार से विनती करते हैं कि उसे सुधरने का एक मौका और दिया जाए। इसके अलावा मैं और क्या ही कह सकती हूं? उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उनके बेटे ने पुलिस को देखकर माफी भी मांगी थी, लेकिन पुलिस ने उसे गाली दी और जबरन भागने पर मजबूर किया, जिसके बाद उसके पैर में गोली मार दी। उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे बेटे को जबरदस्ती भगाया। मेरा बेटा अभी दो कदम ही चला था कि उन्होंने उसके पैर में गोली मार दी। वे उसे भागने के लिए मजबूर कर रहे थे। और सिर्फ दिखावे के लिए, अपनी नौकरी बचाने की खातिर, उन्होंने मेरे बेटे के हाथ में हथियार या कोई अवैध सामान थमा दिया। उसके पास कोई बंदूक या गोली नहीं थी। उन्होंने यह भी जोड़ा, मैंने यह सब खुद अपनी आंखों से नहीं देखा और न ही सुना है, लेकिन लोग कह रहे हैं कि उसके पैर में गोली लगी है।

महिला ने बताया कि उनका बेटा ड्राइवर के रूप में काम करता था। वह अपनी मां को उनके मायके से वापस लाने घर आया था और खेती-किसानी के काम में मदद करने के लिए रुक गया था। उसकी योजना विश्वकर्मा पूजा के बाद वापस जाने की थी। महिला ने कहा, वे सभी पांचों लोग जो भी उसके साथ शामिल थे सभी को बिल्कुल एक जैसी सजा मिलनी चाहिए, और उन सभी को गोली मार देनी चाहिए। उन सबको एक बराबर सजा मिलनी चाहिए। इससे पहले, 22 सितंबर को पुलिस सूत्रों ने बताया था कि नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित छेड़छाड़ मामले के मुख्य आरोपी को टाउन थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद की गई थी, जिसमें जमुई में युवकों का एक झुंड कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की और उसके साथी को परेशान और प्रताड़ित करता नजर आ रहा था।

पुलिस अधीक्षक ने कही ये बात 
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि पुलिस को 21 सितंबर को एक वायरल वीडियो के जरिए इस घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। शुरुआत में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि बाद में बिहार के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के. एस. अनुपम ने नंदन यादव और उसके साथियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

इस बीच, नाबालिग पीड़िता के माता-पिता ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और अपनी बेटी को परेशान करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता की मां ने कहा कि वह सरकार के जवाब से संतुष्ट हैं और मुख्यमंत्री ने परिवार को उनकी बेटी की सुरक्षा और शिक्षा का आश्वासन दिया है। पुलिस ने इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं को लागू किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।

(Input: ANI)

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