पटनाः एसआईआर और ईवीएम को लेकर चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के बीच एनडीए के सहयोगियों की तरफ से बयान सामने आने लगा है। केंद्रीय मंत्री और एलजेपी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के बाद अब राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने एसआईऔर को लेकर चुनाव आयोग से सफाई मांगी है।
भ्रम की स्थिति को दूर करे आयोग
उपेंद्र कुशवाहा ने एक्स हैंडल पर शेयर किए गए एक पोस्ट में कहा कि एसआइआर से संबंधित विवाद पर जनता में काफी उलझन की स्थिति पैदा हो गई है। विषय को एड्रेस करने की जरूरत है। कंफ्यूजन दूर करने हेतु चुनाव आयोग के द्वारा अविलंब सही स्थिति पर स्पष्टीकरण आना चाहिए।
उपेंद्र कुशवाहा ने SIR पर कही ये बात
इससे पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रेसिडेंट उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर अलग-अलग राय होना आम बात है। साथ ही उन्होंने कहा कि दो इलेक्शन कमिश्नरों की आपत्तियों के संबंध में विपक्ष जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, वह गलत है। कुशवाहा ने कहा कि इस मुद्दे पर पॉलिटिकल पार्टियों की अलग-अलग राय हो सकती है और इस काम से जुड़ी चिंताओं की जांच उन लोगों को करनी चाहिए जिन्हें ऐसा करने का अधिकार है।
चिराग पासवान ने भी चुनाव आयोग से की ये अपील
इससे पहले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से अपील की कि वह चुनाव आयोग के अंदर चल रहे मतभेदों को लेकर हो रहे विवाद के बीच मजबूती से अपना पक्ष रखे। पत्रकारों से बात करते हुए चिराग ने कहा कि चुनाव आयोग को लोगों का भरोसा बनाए रखना चाहिए और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उनके मन में उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "अगर चुनाव आयोग पर ऐसे सवाल उठाए जा रहे हैं, तो मेरा मानना है कि चुनाव आयोग और खासकर CEC ज्ञानेश कुमार की यह ज़िम्मेदारी है कि वह मजबूती से अपना पक्ष रखें।"
चिराग पासवान ने कहा कि मुझे इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि विपक्ष क्या कहता है क्योंकि उनका काम राजनीति करना है। चुनाव आयोग को लोगों का भरोसा बनाए रखना चाहिए क्योंकि अगर चुनावी प्रक्रिया को लेकर ही जनता के मन में शक पैदा होता है, तो यह गलत होगा। ऐसे में चुनाव आयोग को मजबूती से अपनी बात रखनी चाहिए ताकि लोगों के मन में कोई शक न रहे।
विपक्ष चुनाव आयोग पर उठा रहा सवाल
एनडीए के दोनों सहयोगियों यह बात तब सामने आई है जब विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। यह मांग 'इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के बाद की गई है, जिसमें SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेदों का ज़िक्र किया गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में चुनावी रोल प्रक्रियाओं से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां जताई थीं।
ये भी पढ़ेंः ‘वीआईपी को मार्क करो’, VIP वोटर ऐप और SSR को लेकर चुनाव आयोग ने दी सफाई, जानिए क्या-क्या कहा