बिहार के सुपौल से इस वक्त एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया है जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही वार्ड 4 स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अपने बेटे के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। टावर पर चढ़ी महिला की पहचान मधेपुरा जिले के बिहारीगंज थाना क्षेत्र निवासी गुड्डी देवी के रूप में हुई है। महिला अपने 9 वर्षीय बेटे को साथ लेकर टावर पर चढ़ गई और न्याय की मांग करने लगी। ऊंचे टावर पर मां-बेटे को देखकर स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल बन गया।
क्या है मामला
गुड्डी देवी ने आरोप लगाया कि करीब 10 साल पहले राघोपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर निवासी अमरेंद्र ठाकुर ने उससे दिल्ली में प्रेम विवाह किया था। दोनों का एक बेटा भी है। महिला का कहना है कि शादी के कुछ साल बाद तक सब कुछ अच्छा चला, लेकिन बाद में उसके पति ने दूसरी शादी कर ली और उसे और उसके बेटे को छोड़ दिया। महिला ने आरोप लगाया कि अपने अधिकार और न्याय की मांग को लेकर वह कई बार स्थानीय थाना, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों के पास गई, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार उपेक्षा और निराशा के बाद उसने यह कदम उठाने का फैसला किया।
इंसाफ की मांग
टावर पर चढ़ी गुड्डी देवी ने साफ कहा कि जब तक डीएम और एसपी स्वयं मौके पर पहुंचकर उसे न्याय दिलाने का भरोसा नहीं देंगे, तब तक वह नीचे नहीं उतरेगी। महिला की इस जिद के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई और इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही राघोपुर पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक महिला को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। साथ ही किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी की गई।
मां-बेटे के टावर पर चढ़ने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। लोग टावर के नीचे खड़े होकर पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। करीब सात घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान प्रशासन महिला को सुरक्षित नीचे उतारने और उसकी शिकायतों के समाधान का भरोसा दिलाने में जुटा रहा। अंततः मौके पर पहुंचे राघोपुर सीओ के आश्वासन के बाद महिला नीचे उतरने के लिए राजी हो गई। इसके बाद प्रशासन ने मां-बेटे को सुरक्षित टावर से नीचे उतार लिया।
(रिपोर्ट - संत सरोज)